आजकल खासतौर पर नए बच्चे खूब मेहनत कर रहे हैं। लेकिन अब परिश्रम के साथ शिक्षा, योग्यता और संस्कार का तेज भी शामिल करना पड़ेगा। क्योंकि जब हम संस्कार अपनाते हैं तो अपने चरित्र पर टिकते हैं। भीतर से जो तेज जागता है, वह चरित्र से जागता है, बाहर के व्यक्तित्व से नहीं। हममें सूर्य […]
Tag: Vijayshankar Mehta Column
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने रास्ते ठीक से चलें, किसी का रास्ता क्यों रोकें
5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता राजा और साधु में विवाद के कई प्रसंग शास्त्रों में आए हैं। जो सांसारिक दृष्टि से सफल हो और निजी दृष्टि से संतुष्ट- वो साधु है। हमारे यहां तीन लोगों को महाराज कहा जाता है। साधु, राजा और रसोई बनाने वाले को और ये तीनों ही जीवन […]





