Hindi News Opinion Navneet Gurjar Column | Emotional Poem On Woman Struggle & Resilience 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर एक सुंदर कविता है- वो रोटी बेलती है जैसे पृथ्वी जैसे ज्वालामुखी बेलते हैं पहाड़ जैसे भूचाल बेलते हैं घर सन्नाटे शब्द बेलते हैं, भाटे समंदर। रोज सुबह सूरज में एक नई उचकन लगाकर […]




