टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: योग और विज्ञान का संयुक्त जीवन जीना ही बुद्धिमानी है

महाभारत में अर्जुन ने अपने रथ की रास श्रीकृष्ण के हाथ में देकर अपने को सुरक्षित कर लिया और विजयी भी इसी कारण से हुए। अर्जुन सौभाग्यशाली थे कि उनको ईश्वर दिख रहे थे, लेकिन हमें दिखेंगे नहीं। फिर भी हमारी लाइफ का स्टीयरिंग ईश्वर के हाथ में है। पिछले दिनों विदेश यात्रा में मुझे […]