पहली तस्वीर 18 अक्टूबर की है, जब एक्टर टाइगर श्राॅफ पर फायरिंग की गई थी। इसी केस में सोनीपत के शूटर रेहान का नाम आया है। उसकी मां ने रेहान को लेकर कई खुलासे किए हैं।
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले शूटर व हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान से जुड़ीं कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। परिवार ने उसका एडमिशन पिछले साल ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत ‘दिल्ली विद्यापीठ स्कूल’ में दसवीं कक्षा
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इसके बाद अगस्त 2026 में हथियारों के साथ तस्वीरें सामने आने पर उसे जेल जाना पड़ा। जमानत पर बाहर आने के बाद वह कुछ दिन घर पर रहा, लेकिन फिर काम के सिलसिले में गुरुग्राम जाने की बात कहकर निकल गया। इसके बाद परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हुआ।
ये खुलासे रेहान की मां शमशीदा ने किए हैं। ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में शमशीदा ने बताया कि सोमवार को पुलिस का उनके पास फोन आया था कि रेहान को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद मंगलवार सुबह कुछ पुलिसवाले घर भी आए और उसके डॉक्यूमेंट्स आदि ले गए। मां ने बताया, “हमने पुलिस से पूछा कि रेहान इस वक्त कहां है? लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।”
शमशीदा ने दावा किया कि किसी व्यक्ति ने उनके बेटे को एक साल में दो लाख रुपये कमाने का लालच दिया था। उन्हें आशंका है कि उसी शख्स ने उनके बेटे को गलत काम में फंसाया है। वह आदमी कौन है? इस सवाल पर मां ने सिर्फ इतना कहा कि यह तो पुलिस ही पता करेगी, उन्हें इस बारे में कुछ नहीं मालूम।

रेहान की मां शमशीदा का कहना है कि बेटे को गुमराह किया गया। पहले भी उसे फंसाने की कोशिश हुई थी।
सोनीपत के शूटर रेहान की कहानी, उसकी मां की जुबानी…
- स्कूल छोड़ने के बाद काम करने लगा था रेहान: रेहान की मां शमशीदा ने बताया कि करीब 20 साल पहले उनकी शादी ईदगाह क्षेत्र के रहने वाले रईसुद्दीन अंसारी से हुई थी। वह करीब 10 साल से पति से अलग होकर अपने बेटे रेहान के साथ मायके देवडू गांव में रह रही हैं। पिछले साल तक वे दिल्ली में रहती थीं, जहां उन्होंने बेटे का एडमिशन दिल्ली विद्यापीठ स्कूल में करवाया था। जब रेहान ने पढ़ाई छोड़ दी, तो वह अपने मायके देवडू गांव में आकर रहने लगीं।
- दूध फैक्ट्री में काम करने के बाद गुरुग्राम गया : शमशीदा के मुताबिक, स्कूल छोड़ने के बाद रेहान मुरथल स्थित एक दूध फैक्ट्री में काम करने लगा था। वहां उसकी मुलाकात बिहार के रहने वाले एक युवक से हुई। उस युवक ने उसे गुरुग्राम में ज्यादा पैसे मिलने की बात कही थी। इसके बाद रेहान अपने परिवार को वेल्डिंग का काम करने की बात बताकर गुरुग्राम चला गया। हालांकि, बिहार का वह युवक कौन था, इसकी जानकारी मां के पास नहीं मिली।
- हथियारों के साथ फोटो पर दर्ज हुआ था केस: शमशीदा ने बताया कि अगस्त 2026 में रेहान के कुछ दोस्त हथियारों के साथ फोटो खिंचवा रहे थे। रेहान ने भी उनके साथ फोटो खिंचवा ली। कुछ युवकों ने ये फोटो इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दी थीं। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को रेहान के खिलाफ बरोदा थाना में अवैध हथियार बरामदगी के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने उसी दिन उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जिसके बाद उसे जेल जाना पड़ा। वह 14 दिन जेल में रहा।
- ₹3,000 देकर कराई थी जमानत : शमशीदा के मुताबिक, 3 सितंबर को गोहाना में जज शुभम की अदालत से रेहान की जमानत का आदेश हुआ और वह 5 सितंबर को जेल से बाहर आया। जमानत की प्रक्रिया के दौरान गोहाना निवासी अमन का उनके पास फोन आया था। उसने बताया कि रेहान के पास से अवैध हथियार मिले हैं और उसकी जमानत करवानी पड़ेगी। इसके बाद उन्होंने किसी दुकान के माध्यम से अमन को 3,000 रुपये ट्रांसफर करवाए थे।
- दो लाख रुपये कमाने का लालच मिला, फिर लापता हुआ : शमशीदा ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद रेहान कुछ दिन घर पर ही रहा। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया और फिर वह अचानक गायब हो गया। इसके बाद से परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। मां का आरोप है कि उसी व्यक्ति ने रेहान को अपने लिए काम करने के बदले दो लाख रुपये देने का लालच दिया था। हालांकि, मां यह नहीं बता सकीं कि उस व्यक्ति से रेहान की मुलाकात कब हुई और उसे किस तरह का काम करने के लिए कहा गया था।
- मां बोलीं- बेटे को गुमराह करके फंसाया गया : शमशीदा ने बताया कि उन्हें मुंबई की घटना के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी और वे नहीं जानतीं कि रेहान वहां कैसे पहुंचा। उन्होंने आशंका जताई कि कोई रेहान को नशीला पदार्थ देकर अपने साथ ले गया होगा और उसका फोन भी छीन लिया होगा; फिर उसे धमकाकर यह फायरिंग करवाई गई होगी। मां के मुताबिक, पहले भी उसे फंसाने की कोशिश की गई थी और उसके बैग में बंदूक रख दी गई थी। तब सीआईडी ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया था।

सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी के इसी घर में रेहान रहता था। हालांकि, बाद में वह अपनी मां के साथ देवड़ू गांव में रहने लगा।
दूसरा नाबालिग शूटर और जिम्मेदारी लेने वाला अनिल पंडित भी हरियाणा का
मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले हमलावरों को लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने भेजा था। अनिल पंडित हरियाणा के पानीपत स्थित रेरकलां गांव का रहने वाला है। उसके पिता कृष्ण लाल पुजारी हैं और मां प्रवेश गृहिणी हैं। अनिल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। उसकी मंझली बहन शादीशुदा है, जबकि छोटा भाई अभिषेक है।
परिवार के मुताबिक, पिता ने जमीन बेचकर अनिल को वर्ष 2022 में नौकरी के सिलसिले में दुबई भेजा था, जहां से वह 2024 में ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका पहुंच गया। भारत छोड़ने से पहले उसके खिलाफ देश में एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, लेकिन अमेरिका पहुंचने के बाद वह लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के संपर्क में आ गया।
हाल ही में उसने हरियाणवी गायक दिलेर खरकिया की गाड़ी पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी ली थी। इसके बाद पानीपत में उसके खिलाफ 10 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बेटे के आपराधिक रिकॉर्ड के कारण ही उसके पिता बीते एक साल से जेल में हैं।
दूसरी ओर, फायरिंग करने वाला दूसरा आरोपी नाबालिग है और हरियाणा के सोनीपत का ही रहने वाला है। उसके पिता ने बताया कि एक महीने पहले उसकी अपनी बहन से लड़ाई हो गई थी, जिस पर उन्होंने उसकी पिटाई कर दी थी। इसी बात से नाराज होकर वह घर छोड़कर गोहाना निवासी ‘अमन’ नाम के युवक के साथ रहने लगा था।
इससे पहले पंजाब में हुई एक बाइक चोरी के मामले में भी उसका नाम आया था। उस समय परिवार ने पुलिस को स्पष्ट किया था कि बेटे ने घर से पैसे लेकर और अपने दादा की पेंशन मिलाकर वह बाइक खरीदी थी, जो बाद में चोरी की निकली थी।

रेहान और नाबालिग आरोपी 10 दिन पहले सोनीपत से मुंबई पहुंचे थे
फायरिंग में शामिल रेहान और नाबालिग आरोपी करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। दोनों गैंगस्टर अनिल पंडित के संपर्क में थे। मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब डेढ़ महीने पहले समीर ने रेहान की अनिल पंडित से बात करवाई थी। अनिल पंडित ने समीर के जरिए रेहान को 35 हजार रुपए देने और विदेश भेजने का ऑफर दिया था।
वारदात के बाद आरोपी टैक्सी से मुंबई से सूरत पहुंचे। सूरत से ट्रेन में चढ़े। सूरत स्टेशन के सीसीटीवी में उनकी तस्वीर कैद हो गईं। तीनों बदमाश ट्रेन में बिना टिकट सफर कर रहे थे। रास्ते में उनसे जुर्माना भी वसूला गया। बदमाशों के पास एक बैग मिला है, जिसमें तीनों के 1-1 जोड़ी कपड़े थे। दो बदमाशों के पास 1-1 मोबाइल मिला है, जबकि एक बदमाश ने रास्ते में मोबाइल फेंक दिया था।
पूछताछ में सामने आया है कि रेहान ने ऋतिक को भी 35 हजार रुपए और विदेश में नौकरी का ऑफर दिया था। पुलिस को शक है कि ऋतिक किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में था। एक और जानकारी सामने आई कि डेढ़ महीने पहले रेहान ने अपने नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर अमृतसर में किसी व्यापारी पर डराने के लिए फायरिंग की थी।
फायरिंग के बाद अनिल पंडित को सूचना दी गई थी। उसके इशारे पर ही तीनों आरोपी मुंबई से सूरत भागे थे। सूरत से पुणे-जयपुर ट्रेन से कोटा आए। यहां से उनका जयपुर आकर नेपाल भागने का प्लान था। इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

दोनों फैमिली ने गोहाना के अमन के संपर्क में रहने की बात बताई
सोनीपत के दोनों आरोपियों के मामले में दोनों परिवार से बातचीत में गोहाना के अमन का सामने आया है। नाबालिग आरोपी के पिता के अनुसार, घर में बहन के साथ खीर को लेकर हुए विवाद के बाद पिता ने अपने बेटे को पीट दिया था। इसके बाद वह घर छोड़कर गोहाना में अमन के पास जाकर रहने लगा था।अमन के खिलाफ भी अवैध हथियारों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
वहीं, रेहान की मां शमशीदा ने बताया कि इस अमन ने ही फोन कर अवैध हथियारों में उसके बेटे गिरफ्तारी की बात कहकर जमानत कराने को कहा था। हालांकि, रेहान और अमन के बीच किस तरह का संपर्क था और इसका मुंबई की घटना से कोई संबंध है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है।

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