राजधानी के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हर पहलू की पड़ताल शुरू कर दी है। दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार त्विषा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह से पांच दिन की रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद उन्हें भोपाल केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। मंगलवार को आरोपियों को जेल भेजने के बाद सीबीआई टीम दिल्ली लौट गई थी।
इसके बाद बुधवार को टीम नोएडा स्थित त्विषा के मायके पहुंची, जहां उसकी छोटी बहन, चचेरी बहन, भाभी, करीबी महिला रिश्तेदारों और कुछ सहेलियों के बयान दर्ज किए गए। सीबीआई यह जानने का प्रयास कर रही है कि त्विषा और समर्थ का विवाह किन परिस्थितियों में तय हुआ था। साथ ही, शादी से पहले दोनों परिवारों के बीच क्या बातचीत हुई और क्या किसी मुद्दे पर दोनों पक्षों में मतभेद थे। जांच एजेंसी विवाह से पहले और बाद की परिस्थितियों को भी खंगाल रही है।
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शादी के बाद के पांच महीनों पर फोकस
सीबीआई विशेष रूप से 12 दिसंबर 2025 को हुई शादी से लेकर 12 मई 2026 तक के घटनाक्रम की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवधि में त्विषा कितनी बार मायके आई, किन परिस्थितियों में आई और उसने अपने ससुराल के माहौल के बारे में परिवार को क्या बताया था। पूछताछ के दौरान यह भी जानने की कोशिश की गई कि त्विषा के अपनी सास और पति के साथ किन मुद्दों को लेकर विवाद होते थे। क्या उसने दहेज की मांग, मानसिक प्रताड़ना, अपमानजनक व्यवहार या अन्य किसी तरह के उत्पीड़न की शिकायत अपने परिजनों और मित्रों से की थी।
माता-पिता और भाई से भी होगी पूछताछ
सीबीआई अब उन लोगों के बयान दर्ज कर रही है, जिनसे त्विषा नियमित रूप से अपनी निजी बातें साझा करती थी। बहन, भाभी, रिश्तेदारों और सहेलियों के बयान दर्ज करने के बाद एजेंसी जल्द ही उसके माता-पिता और भाई मेहर हर्षित शर्मा से भी पूछताछ करेगी। गौरतलब है कि मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। सीबीआई इन आरोपों की सत्यता की जांच के लिए ऑडियो रिकॉर्डिंग, व्हाट्सएप चैट, मैसेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही है।








