गुजरात एटीएस ने आंतकी संगठन अलकायदा की विचार धारा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए किठौर थाना क्षेत्र के गांव ललियाना के मोहल्ला मंजी निवासी जीशान चार दिन पहले ललियाना गांव आया था। हालांकि परिजनों का कहना है कि उसे बेदखल कर रखा है। जीशान अविवाहित है। चार भाइयों फैसल, सुहेल, राहिल में जीशान सबसे छोटा है।
जीशान के पिता आसिफ चौधरी खेती किसानी के अलावा गांव में ही किराना आदि का काम करते हैं। जबकि जीशान के ताऊ रियासत चौधरी दिल्ली में कांग्रेस के नेता है और पूर्व दिल्ली गाजीपुर के फल सब्जी मंडी के चेयरमैन भी रह चुके है। रियासत चौधरी का गांव में एक मदरसा भी है।

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जीशान का पिता आसिफ फाइल फोटो
– फोटो : संवाद
गलत संगत में पड़ गया था जीशान
जीशान के पिता आसिफ अली ने बताया कि जीशान शातिर किस्म का था। इतना शातिर है कि एक साल पहले इंस्टाग्राम पर परिजनों से ही रंगदारी मांगनी शुरू कर दी थी। उसने नवोदय विद्यालय सरधना से इंटरमीडिएट की थी। वहीं से वह गलत संगत में पड़ गया था। मोबाइल पर हमेशा कुछ न कुछ करता रहता था।

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अलकायदा का संदिग्ध जीशान
– फोटो : संवाद
एक साल पहले घर से कर दिया था बेदखल
मोबाइल में गेम या कुछ काम करके उसने बहुत कर्जा कर लिया था। जिसकी गतिविधि देखकर करीब एक साल पहले उसे घर से बेदखल कर दिया था। तब से परिजनों ने उससे संपर्क नहीं किया था। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि चार पांच दिन पहले से गांव में घूमते हुए देखा था।

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इसी दुकान पर काम करता था जीशान
– फोटो : संवाद
गिरफ्तारी के बाद आया था एटीएस का फोन
पिता ने बताया की जीशान की गिरफ्तारी के बाद एटीएस का फोन आया था। उन्होंने बेदखल होने की बात कहते हुए पैरवी करने से इंकार कर दिया। वह कहां रह रहा था, क्या करता था, इसकी कोई जानकारी नहीं रखते थे।

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जीशान और उसका पिता आसिफ का फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता को गिरफ्तारी का नहीं अफसोस
जीशान के आतंकी संगठन अलकायदा के लिए काम करने और उसको एटीएस गुजरात द्वारा गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिलने पर जहां गांव के लोग हैरत में है, वहीं जीशान की गिरफ्तारी का उसके पिता आसिफ अली को कोई अफसोस नहीं है।








