ट्रक के केबिन से उठ रही थीं लपटें
रजऊ परसपुर निवासी मनोज शर्मा की गांव के बाहर महालक्ष्मी गैस एजेंसी है। एजेंसी के चौकीदार रमेश चंद्र शुक्ला के मुताबिक, शाहजहांपुर से 360 गैस सिलिंडर से भरा ट्रक घटना से कुछ ही देर पहले गोदाम पर आया था। वह गेट के बाहर खड़ा था। पत्नी संध्या ने बदबू आने की बात कही तो रमेश कमरे से बाहर आए। देखा तो ट्रक के केबिन से लपटें उठ रही थीं। उन्होंने चालक के साथ मिलकर बुझाने की कोशिश की, पर नाकाम रहे।
एक-एक कर फटने लगे सिलिंडर
आग ट्रक में पिछले हिस्से में पहुंची तो एक-एक कर सिलिंडर फटने लगे। हर धमाके के बाद सिलिंडर हवा में उछलकर दूर जाकर गिर रहे थे। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीमें पहुंचीं, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों की वजह से उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ग्रामीण बोले- खाना बनाने के दौरान लगी आग
हादसे के बाद चार सदस्यीय जांच टीम ने चालक अतुल का बयान लिया। आग कैसे लगी, इस सवाल पर उसने जानकारी होने से इन्कार कर दिया। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि ट्रक आकर रुका तो चालक ने केबिन में रखे छोटे गैस सिलिंडर पर खाना बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान केबिन में आग लग गई। एफएसओ ने बताया कि इसकी जांच की जा रही है।
खतरा बरकरार, आबादी वाले इलाकों में भी हैं गोदाम
रजऊ परसपुर में हुई सिलिंडरों के फटने की घटना के दौरान गनीमत रही कि घटनास्थल आबादी से काफी दूर था, लेकिन शहर के आसपास जिन गैस एजेंसी संचालकों ने गोदाम बने हैं, उनके आसपास आबादी बस गई है। लिहाजा, अगर सिलिंडर फटे तो जानमाल के नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। सुभाषनगर माल गोदाम रोड, बदायूं रोड, बीसलपुर रोड, मिनी बाइपास व अन्य आबादी इलाकों में भी चल रहे हैं।












