प्राथमिकी दर्ज कराने वाली महिला ने नाजिया के आईएसआई से भी जुड़े होने का शक जाहिर किया है। देहली गेट की कोठी अतानस निवासी रुखसाना ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी बैंड कारोबारी फरहत मसूद (पुत्र मसूद अहमद) ने वर्ष 1988 में पाकिस्तान के लाहौर जाकर सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया नाम की महिला से पाकिस्तान में निकाह किया था।
इसके लगभग एक साल बाद वह पति फरहत के साथ लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आ गई और दंपती के तीन संतान हुई। इनमें दो बेटे भारत में हुए। वर्ष 1993 में नाजिया पाकिस्तान गईं। वहां उसने 25 मई 1993 को बेटी एमन फरहत को जन्म दिया। आरोप है कि पाकिस्तान से लौटते समय नाजिया अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर एमन फरहत को भारत में ले आई।
यहां आने के बाद एमन का दाखिला कैंट के एक प्रतिष्ठित स्कूल में करा दिया गया। पाकिस्तान में जन्म होने के कारण एमन के भी पाकिस्तानी होने और फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारत में रहने का आरोप है। प्राथमिकी में सबा के पिता पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का भी शक जाहिर किया गया है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि देहली गेट पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने नाजिया से पूछताछ की और उसके पहचान संबंधित कागजात लेकर जांच की। आरोप सही पाए जाने पर सबा उर्फ नाजिया को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी महिला को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, आरोपी पक्ष का कहना है कि संपत्ति विवाद में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। फर्जी कागजात बनाने का आरोप गलत है।












