मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सर्किट हाउस में बरेली मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान सुस्त अफसरशाही को कड़ा अल्टीमेटम दिया। मुख्यमंत्री ने दो-टूक निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों की 5120 करोड़ रुपये की 2155 विकास परियोजनाओं को आगामी 15 नवंबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 15 जुलाई तक हर कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति और 15 अगस्त तक शिलान्यास हो जाना चाहिए, ताकि जनता को इनका लाभ मिल सके। इन परियोजनाओं में छह बड़े स्टेट हाईवे भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल में चरमराई बिजली व्यवस्था पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बिजली चोरों और लापरवाह अफसरों के खिलाफ बड़े अभियान का एलान किया है। सीएम की नाराजगी के बाद जवाब देने के लिए खड़े हुए बिजली निगम के मुख्य अभियंता पूरी बैठक में खड़े ही रहे।
बिजली चोरी रोकने के दिए निर्देश
मंगलवार को सर्किट हाउस में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मंडल में हो रही भारी कटौती के पीछे सबसे बड़ी वजह बिजली चोरी और ओवरलोडिंग है। इसे रोकने के लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सघन मोहल्लों में ही अत्यधिक बिजली चोरी की शिकायत होगी। ऐसे इलाकों को सूचीबद्ध करें।
इन इलाकों में बिजली निगम, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर सघन चेकिंग अभियान चलाए और बिजली चोरी करने वालों पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई कर शासन को रिपोर्ट भेजें। लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से एक-एक करके कामकाज की जानकारी ली और समस्याओं के बारे में जाना।








