बुलंदशहर के सिकंदराबाद में छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना ने फिरोजाबाद जिले के पूरे नारखी क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बच्ची के पिता परिवार के अच्छे भविष्य के लिए गांव से निकलकर बुलंदशहर की फैक्टरी में काम करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि जिस रोटी के लिए घर छोड़ रहे हैं, उसकी कीमत अपनी छह साल की मासूम बेटी की आबरू और जान से चुकानी पड़ेगी।
गांव में बच्ची का शव हाथों में लेकर पहुंचे पीड़ित पिता की सिसकियों ने पूरे गांव को रुला दिया। पिता ने बताया कि वह चूड़ी बनाने का काम करते थे। उसमें केवल 500 रुपये मिलते थे। काम भी नियमित नहीं मिल पाता था। इस खातिर उन्होंने घर छोड़ा और 10 माह पहले बुलंदशहर चले गए।
वहां सिकंदराबाद के औद्योगिक इलाके में स्थित एक फैक्टरी, जहां पानी की टंकी बनाने का काम होता है, उसमें नौकरी मिल गई। फैक्टरी संचालक उनको 16,500 रुपये प्रति माह और दो वक्त का खाना देता था। काम ठीक लगा तो डेढ़ महीने पहले वह अपनी पत्नी और बच्चों को भी बुलंदशहर ले गया था।