आगरा के मान्यता प्राप्त निजी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्तियां अब जांच के दायरे में आ गई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों से शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का विस्तृत ब्योरा 10 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग यह जांच करेगा कि नियुक्तियां नियमों के तहत हुई हैं या नहीं।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने आदेश जारी कर कहा कि शिक्षा निदेशक (बेसिक) के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। विभाग को सूचना मिली है कि कई मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियां उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय (जूनियर हाईस्कूल) भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली-1978 और अन्य प्रावधानों के अनुरूप नहीं की गई हैं।
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बीएसए ने जिले के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को निर्धारित प्रारूप में विद्यालय का नाम, मान्यता का स्तर, कार्यरत प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के नाम, उनकी शैक्षिक एवं प्रशिक्षण योग्यता, नियुक्ति तिथि और विभागीय अनुमोदन की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यालय में नियमों के विपरीत नियुक्तियां पाई जाती हैं या निर्धारित समय में सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में लगभग 1,700 मान्यता प्राप्त विद्यालय
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों के अलावा लगभग 1,700 संख्या में निजी प्रबंधन द्वारा संचालित मान्यता प्राप्त विद्यालय भी चल रहे हैं। ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति की कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी के पूर्व अनुमोदन से की जानी अनिवार्य है। इसी व्यवस्था की पड़ताल के लिए अब विभाग ने जिलेभर के विद्यालयों से रिकॉर्ड तलब किया है।








