कन्नौज जिले के सौरिख निवासी निखिल (26) पुत्र वीर सिंह व शैलेंद्र (27) पुत्र उधम सिंह यादव बाइक से कन्नौज से कानपुर जा रहे थे। शिवराजपुर के धमनी नेवादा गांव के सामने जीटी रोड पर पहुंचते ही तेज रफ्तार से बाइक चला रहे निखिल ने ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। अनियंत्रित बाइक ट्रक में पीछे जा घुसी। इस दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई।

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दुर्घटनाग्रस्त बाइक
– फोटो : amar ujala
हेलमेट लगाए होते तो शायद बच जाती जान
थानाध्यक्ष अमान सिंह ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। घटनास्थल से दुर्घटनाग्रस्त बाइक को हटाकर यातायात सामान्य करा दिया गया है। पुलिस पूछताछ में मृतकों के परिजनों ने बताया कि दोनों युवा घरों में टायल्स लगाने का काम करते थे और कानपुर इसी काम से जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे, यदि हेलमेट लगाए होते तो शायद जान बच जाती।

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रोते बिलखते परिजन
– फोटो : amar ujala
सूचना मिलते ही परिजन बदहवास
निखिल के परिजनों ने बताया कि वह रवि, अशोक में सबसे छोटा था। बेटे की मौत के बाद मां सुनीता देवी बदहवास हो गई। पिता वीर सिंह का पहले देहांत हो चुका है। वहीं शैलेंद्र के परिजनों के अनुसार वह आशीष, पुष्पेंद्र और आकाश में दूसरे नंबर का था। मां पप्पी और पिता मूलचंद्र उर्फ उधम सिंह बेसुध हो गए। उन लोगों ने बताया कि दोनों बहुत जिगरी दोस्त थे। सूचना मिलते ही वह लोग तुरंत निकल पड़े थे।

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मृतकों की फाइल फोटो
– फोटो : amar ujala
हमेशा साथ रहने वाले दोस्तों को मौत भी साथ ले गई
कानपुर के शिवराजपुर में हादसे में दम तोड़ने वाले दोनों युवक गहरे दोस्त थे। कानपुर में एक साथ मजदूरी करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों हमेशा साथ रहते थे और दोनों की मौत भी साथ ही आई। दोनों के शव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कस्बे के बिधूना रोड निवासी निखिल यादव (19) पुत्र वीर सिंह यादव की ग्राम डडुअन नगला निवासी शैलेंद्र कुमार (20) पुत्र मूलचंद से गहरी दोस्ती थी।

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कानपुर पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
सुबह चार बजे दोनों बाइक से जा रहे थे कानपुर
दोनों युवक कानपुर में टाइल्स लगाने का काम करते थे। बुधवार शाम शैलेंद्र के परिवार में ही शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए शैलेंद्र आया था। उसके साथ निखिल भी था। गुरुवार सुबह चार बजे दोनों बाइक से कानपुर जा रहे थे। शिवराजपुर में आगे चल रहे डंपर से बाइक टकराने से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि शैलेंद्र चार भाइयों में दूसरे स्थान पर था और उसकी एक बहन है। वहीं, निखिल तीन भाइयों में सबसे छोटा था।








