उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को पश्चिमी और तराई के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी दर्ज की गई, जो वर्ष 1952 के बाद मापन के इतिहास में तीसरी सबसे अधिक बारिश है। लगातार बारिश से कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी और आगरा में 146 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, तराई क्षेत्र के महाराजगंज में 104 मिमी और सिद्धार्थनगर में 78.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई। बारिश के असर से प्रदेश के कई जिलों का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया। अलीगढ़ में तापमान सामान्य से 9.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मेरठ में 8.3 डिग्री और मुजफ्फरनगर में 7.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कानपुर, इटावा और बरेली में भी तापमान सामान्य से काफी कम रहा।
माैसम विभाग की ओर से शुक्रवार को तराई के 17 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 29 अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 13 जुलाई तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अच्छी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।








