बरेली में सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के मजहबी रहनुमा ताजुश्शरिया मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) का आठवां उर्स शनिवार को कुल की रस्म के साथ मुकम्मल हो गया। अकीदत के सैलाब के बीच दरगाह ताजुशारिया के सज्जादानशीन काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में मथुरापुर स्थित मदरसा जमीयतुर्रजा में कुल की रस्म अदा की गई।
उर्स प्रभारी सलमान मियां व जमात रजा के महासचिव फरमान मियां की निगरानी में दोपहर में कारी रिजवान ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत से कार्यक्रम का आगाज किया। असद इकबाल और रफीक रजा कादरी ने नात-ओ-मनकबत का नजराना पेश किया। मुफ्ती जाहिद रजा ने कहा कि हुजूर ताजुश्शरिया आशिक-ए-रसूल और गुलाम-ए-अहलेबैत व साहिबा किराम हैं। उनका कोई अमल शरीयत के खिलाफ नहीं था। इसीलिए उनको ताजुश्शरिया (शरीयत का ताज) कहा जाता है। उन्होंने अरबी, उर्दू, अंग्रेजी में दो सौ किताबें लिखीं। लाखों फतवों के जरिये आला हजरत के मिशन को आगे बढ़ाया।
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उर्स में दुआ करते जायरीन
– फोटो : संवाद
काल्पी के सज्जादाशीन सैय्यद गियास मियां ने कहा कि हम सिर्फ काजी-ए-हिन्दुस्तान को अपना रहबर मानते हैं। मुहद्दिस-ए-कबीर जिया उल मुस्तफा, मुफ्ती आशिक शिक हुसैन कश्मीरी, शेख उमर अल बगदादी, मुफ्ती शमशाद, मुफ्ती फैजान मियां, बिलग्राम शरीफ के सज्जादानशीन सोहिल मियां और अनस मियां मौलाना अब्दुल मुस्तफा रुदौली, मुफ्ती शाहजाद आलम मिस्बाही ने भी तकरीरों से लोगो में जोश भरा और पंडाल नारों से गूंजता रहा।
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उर्स स्थल पर जायरीनों की भीड़
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काजी-ए-हिंदुस्तान ने की दुआ
शाम 7:14 बजे हुजूर ताजुश्शरिया के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा फैजू नबी और कारी शरफुद्दीन ने पढ़ी और शिजरा शरीफ मुहद्दिस-ए-कबीर जिया उल मुस्तफा ने पढ़ा। काजी-ए-हिंदुस्तान ने देश में अमन-ओ-अमान के लिए दुआ की। मुफस्सिर-ए-आजम का हुआ कुल सुबह 7:10 बजे दरगाह पर मुफस्सिर-ए-आजम हिंद जिलानी मियां के कुल की रस्म अदा की गई।
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उर्स स्थल पर जायरीनों की भीड़
– फोटो : संवाद
विदेश के कई लोग ऑनलाइन जुड़े
दरगाह आला हजरत, दरगाह शाहदाना वाली, दरगाह नसीर मियां सहित सभी छोटी बड़ी दरगाहों-खानकाहों व घरों में उर्स-ए-ताजुश्शरिया मनाया गया। देश-विदेश के कई लोग ऑनलाइन भी जुड़े रहे। हाफिज इकराम रजा खां, शमीम अहमद, समरान खान, कौसर अली, यासीन खान, मोईन खान, सैयद अजीमुद्दीन अजहरी, अब्दुल्ला रजा खां, मोईन अख्तर, मौलाना आबिद नूरी, नदीम सुब्हानी, नावेद आलम आदि ने व्यवस्था में सहयोग किया।
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी
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आला हजरत के मिशन को ताजुश्शरिया ने बढ़ाया आगे
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के मुख्यालय ग्रांड मुफ्ती हाउस में शनिवार को हजरत ताजुश्शरिया का कुल मनाया गया। इस मौके पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि हजरत ताजुश्शरिया ने आला हजरत के मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल में ही नहीं, बल्कि अफ्रीका, अमेरिका और अरब देशों में भी आला हजरत की शिक्षा का प्रसार किया। शाम को कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस दौरान मौलाना मुजाहिद हुसैन, हाजी नाजिम बेग, ताहिर हुसैन, नसीर अहमद नूरी आदि मौजूद रहे। आला हजरत ट्रस्ट की ओर से दरगाह आला हजरत स्थित काशाना-ए-नूरी में ताजुश्शरिया के कुल की रस्म अदा की गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष मौलाना मोहतशिम रजा खां कादरी, मुफ्ती फारूख मिस्बाही, प्रो. आसिम मियां, जक्वान रजा खां, इश्तियाक अहमद आदि मौजूद रहे।