30 मिनट पहले
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30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया है।राजस्थान पुलिस और मुंबई पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर डायरेक्टर को उनकी साली के घर से पकड़ा है। अब राजस्थान पुलिस उन्हें अपने साथ उदयपुर ले जाने के लिए बांद्रा कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अप्लाई करेगी।
बता दें कि सात दिन पहले इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट सहित 6 आरोपियों के खिलाफ उदयपुर पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया था। सभी आरोपियों को 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने के लिए भी नोटिस दिए गए था। इसके अलावा इनमें से कोई भी आरोपी अब बिना मंजूरी के विदेश नहीं जा पाएंगे।
वही, मामला सामने आने के बाद फिल्ममेकर ने कहा था कि उन्हें अब तक इस मामले में कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के जरिए मिली है।
विक्रम भट्ट ने एएनआई से बातचीत में कहा था, “मुझे लगता है कि राजस्थान पुलिस को गुमराह किया जा रहा है। मुझे न तो कोई लेटर मिला है, न नोटिस, कुछ भी नहीं। अगर शिकायतकर्ता ने ऐसे दावे किए हैं, तो उनके पास उसका कोई लिखित प्रमाण होना चाहिए। वरना पुलिस ऐसे मामले दर्ज नहीं करती।”
आगे फिल्ममेकर ने कहा, “अगर उन्हें इंडस्ट्री की समझ नहीं थी, तो उन्होंने खुद ही इतनी सारी फिल्में क्यों शुरू कीं? और अगर मैं उन्हें धोखा दे रहा था, तो फिर उन्होंने मेरे साथ तीसरी फिल्म क्यों बनाई?”
बातचीत में विक्रम भट्ट ने यह भी कहा कि वह पिछले 30 सालों से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और उन्होंने कभी ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया है। फिल्ममेकर ने कहा कि उनकी एक फिल्म ‘विराट’ को आधे में रोका गया, जिसकी वजह उनकी कंपनी के बिजनेस डिसीज़न थे, खासतौर पर आने वाला IPO।
विक्रम भट्ट ने यह भी कहा है कि शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया द्वारा प्रोड्यूस की जा रही फिल्म में देरी इसलिए हुई, क्योंकि उन्होंने फिल्म से जुड़े टेक्नीशियंस को भुगतान नहीं किया था। विक्रम भट्ट ने यह भी दावा किया है कि उनके पास ईमेल्स और कॉन्ट्रैक्ट समेत अपनी बात साबित करने के लिए पुख्ता सबूत हैं।
क्या है पूरा मामला
इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत आठ लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई है। उनका आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया और कहा कि फिल्म के जरिए पूरा देश उनकी पत्नी के योगदान को जान पाएगा। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था।

अजय मुर्डिया इंदिरा IVF के मालिक हैं।
यहां उनकी मुलाकात फिल्ममेकर विक्रम भट्ट से करवाई गई थी। उन्होंने बायोपिक बनाने पर चर्चा की थी। अजय मुर्डिया ने शिकायत में बताया है कि बातचीत के दौरान यह तय हुआ था कि फिल्म बनाने की पूरी जिम्मेदारी विक्रम भट्ट लेंगे और उन्हें सिर्फ पैसे भेजते रहना होगा।
शिकायत के मुताबिक, विक्रम भट्ट ने अजय मुर्डिया से कहा कि उनकी पत्नी श्वेतांबरी और बेटी कृष्णा भी फिल्ममेकिंग से जुड़ी हैं। विक्रम भट्ट ने पत्नी श्वेतांबरी की फर्म VSB LLP को पार्टनर बनाया था। उनके बीच ‘बायोनिक’ और ‘महाराणा’ नाम की दो फिल्मों के लिए 40 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट हुआ था।
31 मई 2024 को विक्रम भट्ट को 2.5 करोड़ रुपए RTGS किए गए। कुछ दिन बाद 7 करोड़ रुपए की मांग हुई और कहा गया कि 47 करोड़ में 4 फिल्में बनेंगी, जिससे करीब 100–200 करोड़ तक का मुनाफा होगा। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी के कहने पर अजय मुर्डिया ने उनके बताए हुए वेंडर्स को ऑनलाइन पेमेंट की।
2 जुलाई 2024 को अजय मुर्डिया ने इंदिरा एंटरटेनमेंट LLP रजिस्टर करवाई थी। इस फर्म के खाते से करीब 3 लाख रुपए की पेमेंट की गई थी।
मामले की शुरुआती जांच में सामने आया कि जिन वेंडर्स को इंदिरा एंटरटेनमेंट के खाते से पेमेंट हुई, वे फर्जी थे। जिन वेंडर्स को पेमेंट हुई, वे पुताई वाले या ऑटो वाले निकले। पेमेंट के बाद रकम का एक बड़ा हिस्सा विक्रम भट्ट की पत्नी के खाते में ट्रांसफर किया जाता था।
मामले में अब तक हुईं दो गिरफ्तारियां
30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में मंगलवार को विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और वेंडर संदीप त्रिलोभन की गिरफ्तारी हुई है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को उदयपुर कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें 23 नवंबर तक रिमांड पर भेज दिया गया है।









