Wolf Attack: कछार और गन्ने के खेत के बीच छका रहे भेड़िये… पिछले साल से अब तक 80 से अधिक हमले; दहशत में लोग
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Wolf Attack: कछार और गन्ने के खेत के बीच छका रहे भेड़िये… पिछले साल से अब तक 80 से अधिक हमले; दहशत में लोग

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बहराइच में बारिश और बाढ़ के बीच सरयू के कछार इलाके में भेड़ियों का हमला नहीं थम रहा। कछार के साथ ही गन्ने के खेत के बीच भेड़िये लगातार वन विभाग को छका रहे हैं। बीते डेढ़ वर्ष में 80 से अधिक हमलों में एक महिला और 13 मासूम बच्चों की जान जा चुकी है। 120 मवेशी भी इनके शिकार बने हैं। अपनों को खोने के बाद परिजन बिलख रहे हैं और पिंजरा लगाने के बाद भी वन विभाग के हाथ खाली हैं।

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फखरपुर, कैसरगंज और महसी का सरयू कछार आदमखोर भेड़ियों के हमलों से दहल उठा है। शनिवार को रक्षाराम यादव का पुत्र अंकेश मां की गोद में दूध पी रहा था।

 




Bahraich Wolf Attack News Wolfes are eluding forest department between marshland and sugarcane

गंदूझाला में लाठी-डंडा लेकर बच्चे की तलाश करते ग्रामीण
– फोटो : ग्रामीण


बच्चे को लेकर पास की झाड़ियों में गायब

अचानक आए वन्यजीव ने उसे मां की गोद से झपट्टा मारकर जबड़े में दबोच लिया। मां जब तक शोर मचाती, तब तक वह बच्चे को लेकर पास की झाड़ियों में गायब हो गया।


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भेड़िये का फाइल फोटो
– फोटो : Freepik


जिले में भेड़ियों के 80 से अधिक हमले

बिलखते हुए मां ने कहा कि हमला भेड़िये ने किया। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने तेंदुए को देखा है। वन विभाग अभी तक पक्के तौर पर कुछ कह नहीं पा रहा है। 10 मार्च 2024 से अब तक जिले में भेड़ियों के 80 से अधिक हमले हो चुके हैं।


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भेड़िये का फाइल फोटो
– फोटो : Freepik


इनमें एक महिला और 13 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस वर्ष जून से अब तक चार मासूम भेड़िये के शिकार बन चुके हैं। पिछले वर्ष भी भेड़िये ने आठ बच्चों और एक अधेड़ महिला को मार डाला था। तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद भेड़ियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चला था।


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भेड़िये का फाइल फोटो
– फोटो : Freepik


वन विभाग ने लगाया पूरा जोर

डीएफओ राम सिंह यादव का कहना है कि सरयू कछार घनी झाड़ियों और गन्ने के खेतों से घिरा हुआ है। यही वजह है कि वन्यजीवों को छिपने और अचानक हमला करने का मौका मिल जाता है। 

 




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