विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के आगरा आगमन पर शुक्रवार को कश्यप-निषाद समाज के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में गंगाजल हाथ में लेकर एक संकल्प लिया कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को संवैधानिक एससी आरक्षण नहीं मिला, तो भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा।
मुकेश सहनी ने आगरा की सड़कों पर उमड़ी भीड़ और बाइक रैली को निषाद समाज के अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रमाण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी के खिलाफ हिंसा या टकराव का प्रदर्शन नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों के लिए एक लोकतांत्रिक शक्ति का प्रदर्शन है।
सहनी ने कहा, “अगर अपने समाज के अधिकार पूछना और लोगों को उनके हक के लिए जागरूक करना दिमागी नक्सलवाद है, तो मैं भी दिमागी नक्सल हूं। उन्होंने जोर दिया कि उनकी पार्टी संविधान और कानून के दायरे में रहकर अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम प्रभारी हरिओम निषाद और सह-प्रभारी कमल किशोर निषाद के नेतृत्व में हुआ। बाइक रैली और कार्यकर्ता सम्मेलन में जिला अध्यक्ष सत्य प्रकाश निषाद, विजय निषाद, हेमराज निषाद, शैलू निषाद, जयशंकर निषाद मौजूद रहे, जिन्होंने मुकेश सहनी के विचारों का समर्थन किया और आरक्षण की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।







