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शिप्रा नदी किनारे राणोजी की छत्री के सामने रामघाट पर होने वाली पारंपरिक मां शिप्रा आरती को लेकर प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। करीब एक माह पहले विवाद की शुरुआत तब हुई, जब महाकाल मंदिर समिति की ओर से आए बटुकों से शिप्रा नदी पर आरती कराई गई। इसका विरोध कई वर्षों से रामघाट पर आरती कर रहे तीर्थ पुरोहितों और पुजारियों ने किया था। इसके अगले दिन पुलिस और पुरोहितों के बीच विवाद बढ़ गया था। विवाद इतना बढ़ा कि धक्का-मुक्की तक की स्थिति बन गई। इसके बाद भी पुरोहितों ने कई बार महाकाल मंदिर समिति के बटुकों द्वारा कराई जा रही आरती का विरोध किया। अब यह विरोध देशव्यापी रूप लेता जा रहा है। बुधवार को देशभर से आए पुरोहित एक साथ मिलकर मां शिप्रा की संध्याकालीन आरती को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके लिए देश के प्रमुख तीर्थों से तीर्थ पुरोहित उज्जैन पहुंच गए हैं। श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी ने बताया कि शासन द्वारा रामघाट पर महाकाल मंदिर समिति के माध्यम से शिप्रा आरती कराए जाने के विरोध में शगुन गार्डन में धर्मसभा आयोजित की जाएगी। पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि शासन द्वारा परंपरा में हस्तक्षेप किया जा रहा है। उनका आरोप है कि महाकाल मंदिर में विद्या अध्ययनरत बटुकों से आरती कराई जा रही है और टेंडर के जरिए आरती कराने से इसका व्यवसायीकरण हो रहा है। देशभर से पुरोहित पहुंचे धर्मसभा में शामिल होने के लिए देश के प्रमुख तीर्थों से तीर्थ पुरोहित उज्जैन पहुंच चुके हैं। इनमें अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पंडित रामकृष्ण तिवारी (इलाहाबाद), पंडित नवीन नगर (मथुरा), प्रयागराज कुंभ मेले के शासन द्वारा मनोनीत सदस्य पंडित मधु चकाहा, पंडित अमित राज पुरोहित (प्रयागराज), पंडित अनुज मिश्रा (बिठूर), पंडित श्रीकांत वशिष्ठ (हरिद्वार), पंडित हेरंभ शिकरे (नासिक-त्र्यंबकेश्वर), पंडित नुनु भाई मिश्रा (बैजनाथ धाम), पंडित अरविंद मुरलीधर (रामेश्वरम) और पंडित नंदकुमार मिश्रा (अयोध्या) शामिल हैं। सुबह 9:30 बजे होगा शिप्रा पूजन बुधवार सुबह 9:30 बजे मां शिप्रा का पूजन किया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे महासभा की कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें शिप्रा आरती की व्यवस्था को लेकर चर्चा की जाएगी। मां शिप्रा आरती को लेकर चल रहा विवाद हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। श्री क्षेत्र पंडा समिति, उज्जैन ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर कर पारंपरिक आरती में शासन-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति पर पारंपरिक शिप्रा आरती में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। समिति ने आरती शांतिपूर्वक करने की अनुमति देने और उसे बंद नहीं करने के निर्देश देने की मांग की है। आरती को ‘इवेंट’ बनाकर ठेका देने का विरोध तीर्थ पुरोहितों ने शिप्रा आरती को इवेंट बनाकर ठेकेदारों को ठेका देने का भी विरोध किया है। समिति ने इसे धर्मशास्त्रीय अनुशासन और तीर्थ परंपरा के सम्मान के विपरीत बताया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि केवल नए यूनिटी मॉल में आरती आयोजन के लिए टेंडर होने के आधार पर रामघाट पर चली आ रही पारंपरिक आरती को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। पुरोहितों का कहना है कि उन्हें विकास का विरोध नहीं है, लेकिन उज्जैन की प्राचीन तीर्थ परंपरा से छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।
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