जरूरत की खबर- गर्मियों में न खाएं ये 10 चीजें:  डाइटीशियन से जानें इनके हेल्दी विकल्प, सादा और ताजा खाएं, लिक्विड डाइट पर जोर दें
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जरूरत की खबर- गर्मियों में न खाएं ये 10 चीजें: डाइटीशियन से जानें इनके हेल्दी विकल्प, सादा और ताजा खाएं, लिक्विड डाइट पर जोर दें

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55 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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गर्मियों में शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं। इसलिए खानपान में भी बदलाव की जरूरत होती है। लेकिन लोग स्वाद के लिए अक्सर डीप फ्राइड और स्पाइसी फूड खाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं।

गर्मियों में खानपान में थोड़ी सी लापरवाही डिहाइड्रेशन, एसिडिटी, अपच और थकान का कारण बन सकती है। ऐसे में फिट और एनर्जेटिक रहने के लिए यह जानना जरूरी है कि गर्मियों में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कि गर्मियों में कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए। साथ ही जानेंगे-

  • गर्मियों में खाने के लिए हेल्दी विकल्प क्या हैं?
  • ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिनकी तासीर गर्म होती है?

एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ

सवाल- गर्मी के मौसम में कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए?

जवाब- गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडा रखना जरूरी है। इसलिए डीप फ्राइड, मसालेदार और जंक फूड से बचें। इनसे डिहाइड्रेशन, एसिडिटी और थकान हो सकती है। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए, गर्मियों में कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए-

अब समझते हैं कि गर्मियों में ये फूड्स क्यों नहीं खाने चाहिए।

डीप फ्राइड फूड

उदाहरण-

  • समोसा
  • कचौरी
  • पकौड़े
  • चिप्स
  • फ्रेंच फ्राइज

क्यों नहीं खाने चाहिए?

  • इनमें ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है।
  • पचने में समय लगता है।
  • इससे भारीपन, अपच, हीट और एसिडिटी बढ़ सकती है।
  • शरीर में हीट और एसिडिटी बढ़ सकती है।
  • अतिरिक्त कैलोरी जमा होने से सुस्ती और थकान बढ़ती है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • बॉइल्ड स्नैक्स (चना, मूंग)
  • रोस्टेड मखाना
  • भुना हुआ चना
  • स्टीम्ड स्नैक्स (ढोकला, इडली)
  • एयर-फ्राइड स्नैक्स

बहुत मसालेदार खाना

उदाहरण-

  • तीखी सब्जी, चाट
  • स्पाइसी ग्रेवी
  • गरम मसाले वाली डिश

क्यों नहीं खाने चाहिए?

  • मसाले गैस्ट्रिक म्यूकोसा (पाचन तंत्र की प्रोटेक्टिव लेयर) को उत्तेजित करते हैं, जिससे एसिडिटी बढ़ती है।
  • ये शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं। इससे पसीना और डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है।
  • डाइजेस्टिव इश्यू वाले लोगों को समस्या बढ़ सकती है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • हल्के मसाले वाली सब्जियां
  • उबली या स्टीम्ड सब्जियां
  • दही से बनी डिशेज (कढ़ी, रायता)
  • नारियल की चटनी
  • सादी खिचड़ी या दलिया

हाई शुगर फूड

उदाहरण-

  • मिठाइयां
  • केक
  • पेस्ट्री
  • आइसक्रीम
  • कैंडी

क्यों नहीं खाने चाहिए?

  • ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता-घटता है, जिससे एनर्जी क्रैश होता है।
  • इससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है।
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस का रिस्क बढ़ता है।
  • अतिरिक्त कैलोरी मोटापा बढ़ाती है।
  • लंबे समय में टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • ताजे फल (तरबूज, खरबूजा)
  • घर का बना शरबत (आमपना, बेल का शरबत)
  • नारियल पानी
  • खजूर या किशमिश (सीमित मात्रा में)
  • फ्रूट सलाद

हाई सोडियम (नमक) फूड

उदाहरण-

  • नमकीन
  • चिप्स
  • अचार
  • पैकेज्ड स्नैक्स

क्यों नहीं खाने चाहिए?

  • ज्यादा सोडियम से शरीर में फ्लूइड बैलेंस बिगड़ता है।
  • डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है।
  • वाटर रिटेंशन हो सकता है।
  • ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
  • किडनी पर दबाव पड़ता है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • रोस्टेड मखाना/चना
  • दही और छाछ
  • ताजे फल
  • सलाद

कैफीन ड्रिंक्स

उदाहरण-

  • चाय
  • कॉफी
  • एनर्जी ड्रिंक्स

क्यों नहीं पीने चाहिए?

  • कैफीन डाइयूरेटिक है, जिससे बार-बार यूरिन आता है।
  • डिहाइड्रेशन हो सकता है।
  • हार्ट रेट और बेचैनी बढ़ सकती है।
  • नींद प्रभावित हो सकती है।
  • एसिडिटी बढ़ सकती है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • नींबू पानी
  • छाछ
  • नारियल पानी
  • हर्बल टी
  • बेल का शरबत/आम पन्ना

रेड मीट

उदाहरण-

  • मटन
  • बीफ
  • पोर्क

क्यों नहीं खाने चाहिए?

  • इनमें सैचुरेटेड फैट होता है, जो पाचन को धीमा करता है।
  • इससे अपच और गैस हो सकती है।
  • शरीर में हीट प्रोडक्शन बढ़ता है।
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।
  • भारीपन और सुस्ती होती है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • दालें और राजमा
  • पनीर
  • टोफू
  • बॉइल्ड चिकन
  • मूंग दाल

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड

उदाहरण-

  • इंस्टेंट नूडल्स
  • पैकेज्ड फूड
  • बिस्किट

क्यों नहीं खाने चाहिए?

  • इनमें सोडियम, शुगर, प्रिजर्वेटिव और अनहेल्दी फैट ज्यादा होता है।
  • फाइबर और जरूरी पोषक तत्व नहीं होते हैं।
  • ब्लड शुगर और वजन बढ़ सकता है।
  • लंबे समय में मेटाबॉलिक डिजीज का रिस्क बढ़ता है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • घर का बना खाना
  • मल्टीग्रेन रोटी
  • ओट्स
  • दलिया
  • ताजे फल

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स

उदाहरण-

  • सोडा-वाटर
  • कोल्ड ड्रिंक्स
  • एनर्जी ड्रिंक्स

क्यों नहीं लेने चाहिए?

  • इनमें हाई शुगर होता है, जो डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है।
  • गैस के कारण ब्लोटिंग और गैस की समस्या होती है।
  • एसिडिटी और पेट में जलन हो सकती है।
  • न्यूट्रिशन न के बराबर होता है।
  • ज्यादा सेवन से वजन बढ़ने का खतरा होता है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • सादा पानी
  • नींबू पानी
  • नारियल पानी
  • घर का शरबत
  • छाछ

बहुत ज्यादा बर्फ

उदाहरण-

  • आइस ड्रिंक्स
  • आइसक्रीम

क्यों नहीं लेना चाहिए?

  • बहुत ठंडा पानी पाचन एंजाइम की एफिशिएंसी कम कर सकता है।
  • ठंडी चीज गले में संक्रमण बढ़ा सकती है।
  • कुछ लोगों में सिरदर्द हो सकता है।
  • पेट में ऐंठन या असहजता हो सकती है।

हेल्दी विकल्प क्या हैं?

  • सामान्य ठंडा पानी
  • मिट्टी के घड़े का पानी
  • हल्का ठंडा नींबू पानी
  • छाछ
  • नारियल पानी

सवाल- ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिनकी तासीर गर्म होती है और उन्हें गर्मी में कम खाना चाहिए?

जवाब- गर्मी में गर्म तासीर वाली चीजें कम खानी चाहिए। ये शरीर का तापमान बढ़ा सकती हैं। इनमें लहसुन-अदरक और गरम मसाले शामिल हैं। नीचे ग्राफिक में देखें-

सवाल- गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड और ठंडा रखने के लिए क्या खाना-पीना चाहिए?

जवाब- इसके लिए पानी से भरपूर चीजें ज्यादा लेनी चाहिए। जैसे-

  • तरबूज
  • खरबूजा
  • खीरा
  • ककड़ी
  • नारियल पानी
  • दही-छाछ
  • नींबू पानी

ये शरीर का तापमान संतुलित रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।

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