जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव
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जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव

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एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया। वहीं डिंपल हयाती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि फिल्मों में महिलाओं के खराब चित्रण के लिए एक्ट्रेस को नहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मेकअप आर्टिस्ट बोलीं- डायरेक्टर ने मर्यादा की सीमा पार की
जाह्नवी कपूर की मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि जाह्नवी कपूर ने फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन चरण के दौरान कुछ दृश्यों के शामिल होने पर सीधे सवाल उठाए थे। सवलिन के मुताबिक, जाह्नवी ने शूटिंग के समय ही कुछ विशेष कैमरा एंगल को लेकर अपनी पेशेवर सीमाएं तय कर दी थीं, लेकिन फिल्म के फाइनल एडिट में उन दृश्यों को नहीं हटाया गया। मेकअप आर्टिस्ट ने आरोप लगाया कि डायरेक्टर ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के चक्कर में अभिनेत्री की सहमति और उनकी तय सीमाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। डिंपल हयाती ने मेकर्स और सिस्टम पर उठाए सवाल
तेलुगु और तमिल फिल्मों की अभिनेत्री डिंपल हयाती ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह अच्छी बात है कि आज अभिनेत्रियों के किरदारों को लिखे जाने के तरीके पर खुलकर बात हो रही है। डिंपल ने कहा कि किसी फिल्म के आने के बाद लोग तुरंत एक्ट्रेस को दोषी ठहराने लगते हैं, जबकि उसे वही करना पड़ता है जो ऑफर किया जाता है। असली गलती मेकर्स और सिस्टम की है, जो सोचते हैं कि फिल्मों में अंग प्रदर्शन ही बिकता है। अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए
डिंपल हयाती ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि हमें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिलता और एक खास इमेज में बांध दिया जाता है। इसके विपरीत, हीरो-केंद्रित फिल्मों में पुरुषों को पूरी आजादी मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण किसी एक व्यक्ति के फैसले पर निर्भर नहीं होता, लेकिन हम सब मिलकर यह मांग उठा सकते हैं कि सेट पर अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव और अच्छी फिल्में मिलनी चाहिए। अगर किसी महिला का किरदार कमजोर लिखा गया है, तो उसकी जिम्मेदारी लेखन और फिल्म मेकर के फैसलों पर है, न कि किरदार निभाने वाली महिला पर। क्या है फिल्म ‘पेड्डी’ का पूरा विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राम चरण स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ रिलीज हुई। दर्शकों ने फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ के चित्रण पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि फिल्म की कहानी से ज्यादा जाह्नवी के शारीरिक रूप को दिखाने पर ध्यान दिया है। इससे पहले जाह्नवी के फैन क्लब्स ने कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिसमें जाह्नवी ने कैमरा एंगल पर आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी थी और आपत्तिजनक दृश्यों में बदलाव करने का वादा किया था।



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