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दिल्ली में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ बनाने के लिए 150 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी गईं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सेवा संकल्प अभियान के तहत इन बसों को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान आनंद विहार में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा भी की गई। सरकार का लक्ष्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 14 हजार करना है। दिल्ली में 5 जगह शुरू हुए EV चार्जिंग स्टेशन कार्यक्रम के दौरान दिल्ली में पांच स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया गया। चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने और चार्जिंग की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। आनंद विहार में प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने आनंद विहार में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों का जायजा लिया। यह इलाका वाहनों की आवाजाही और यातायात के दबाव के कारण प्रदूषण की चुनौती से जूझता रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देना सार्वजनिक परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। दिल्ली में 14 हजार इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य नई बसों के शामिल होने से दिल्ली का इलेक्ट्रिक बस बेड़ा बढ़कर करीब 6,800 हो गया है। सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से 14 हजार तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों से डीजल और सीएनजी पर निर्भरता घटाने, शहरी परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने और यात्रियों को स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना और दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के प्रयासों को गति देना है।
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