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- India Diesel Windfall Tax Cut | Export Duty Reduced; New Rates Effective
नई दिल्ली37 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स बढ़ा दिया है। तेल कंपनियों को पेट्रोल के निर्यात पर अब ₹1.5 प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स देना होगा, जो पहले शून्य था।
वहीं, डीजल के निर्यात पर टैक्स ₹24 से बढ़ाकर ₹25 प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, ATF यानी जेट फ्यूल के निर्यात पर टैक्स में 50 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है, जिससे यह ₹19.5 से घटकर ₹19 प्रति लीटर हो गया है।
किस ईंधन पर कितना टैक्स लगेगा?
नए आदेश के अनुसार, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर अब ₹1.5 प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) लगेगा।
डीजल पर ₹25 प्रति लीटर टैक्स तय किया गया है, जिसमें ₹24 SAED और ₹1 रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शामिल है।
वहीं, ATF जेट फ्यूल के निर्यात पर पूरा ₹19 प्रति लीटर का शुल्क SAED के तहत ही वसूला जाएगा।

सरकार हर 15 दिन में टैक्स की दरें बदलती है
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड फ्यूल की कीमतों के आधार पर सरकार हर 15 दिन में इन दरों की समीक्षा करती है।
इससे पहले 15 अगस्त को हुई समीक्षा में पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर शून्य कर दी गई थी, जिसे अब बदलकर दोबारा ₹1.5 प्रति लीटर किया गया है।
देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहेंगे
आम नागरिकों पर इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा। देश में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स यानी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह नया टैक्स सिर्फ विदेशों में एक्सपोर्ट किए जाने वाले फ्यूल पर लागू होगा, इसलिए देश में पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतें स्थिर रहेंगी।

नॉलेज बॉक्स: ‘विंडफॉल टैक्स’ क्या होता है?
जब किसी कंपनी या सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों या अचानक आए बदलावों के कारण बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के अप्रत्याशित (विंडफॉल) भारी मुनाफा होता है, तो सरकार उस अतिरिक्त मुनाफे पर एक विशेष टैक्स लगाती है। इसे ही ‘विंडफॉल टैक्स’ कहा जाता है।








