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दिल्ली सरकार ने अपनी बहुप्रतीक्षित महिला समृद्धि योजना का आधिकारिक नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस योजना को रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने का है। इसके साथ ही लाभार्थियों के चयन के लिए पात्रता संबंधी नियम भी तय कर दिए गए हैं। योजना के क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता, सरल प्रक्रिया और तय समयसीमा के भीतर पात्र महिलाओं तक पहुंचे। एक परिवार से केवल एक महिला को लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का आधार प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। बैठक में तय किया गया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो स्वयं या उनका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली में रह रहा हो। परिवार में आयु के आधार पर सबसे बड़ी महिला ही पात्र होगी और एक परिवार से केवल एक महिला को लाभ मिलेगा। परिवार का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। जो महिलाएं पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही हैं, वे इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं या उनके परिवार के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड होगा अथवा जिनके परिवार के पास 4 पहिया वाहन होगा, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से राजधानी की लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलेगी और उनके परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
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