मोदी कल नए ऑफिस में शिफ्ट होंगे:  सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन 1-2 का उद्घाटन; नॉर्थ-साउथ ब्लॉक से सभी मंत्रालय भी हटेंगे
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मोदी कल नए ऑफिस में शिफ्ट होंगे: सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन 1-2 का उद्घाटन; नॉर्थ-साउथ ब्लॉक से सभी मंत्रालय भी हटेंगे

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नई दिल्ली7 घंटे पहले

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PM का नया ऑफिस सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। यह तस्वीर दो साल पहले निर्माण कार्य के दौरान ली गई थी। - Dainik Bhaskar

PM का नया ऑफिस सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। यह तस्वीर दो साल पहले निर्माण कार्य के दौरान ली गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए प्रधानमंत्री ऑफिस ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, मोदी दोपहर करीब 1:30 बजे ‘सेवा तीर्थ’ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के नाम का अनावरण करेंगे। फिर शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे।

इसके बाद PM एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे। कर्तव्य भवन-1 और 2 में केंद्र सरकार के मंत्रालयों के नए ऑफिस होंगे। वर्तमान में PMO और मंत्रालयों के ऑफिस नई दिल्ली स्थित सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में है।

इन दोनों इमारतों को करीब 95 सालों से देश की सत्ता का केंद्र माना जाता रहा है। शुक्रवार को यहां सरकार के कामकाज का आखिरी दिन होगा। सेवा तीर्थ जाने से पहले PM मोदी यहां केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक करेंगे।

कैबिनेट की यह बैठक शुक्रवार शाम 4 बजे तय है। यह ब्रिटिश काल के सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग में आखिरी बैठक होगी। इसे 1900 के शुरुआती दशक में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर ने ब्रिटिश शासन की जरूरतों के मुताबिक डिजाइन किया था।

₹1189 करोड़ की लागत से बना PM ऑफिस

सेवा तीर्थ का मतलब है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ रखा गया था, लेकिन 2 दिसंबर 2025 में इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ रखा गया। यह नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थित है।

यह करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (करीब 5 एकड़) में बनाया गया है। इसे एल एंड टी कंपनी ने ₹1189 करोड़ में बनाया है। सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में तीन इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) है।

सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। ये सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे। कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका है।

नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे।

कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त-रक्षा सहित कई मंत्रालय

वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालयों को जगह दी गई है।

इससे पहले गृह मंत्रालय लुटियंस दिल्ली के रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक परिसर से जनपथ में बनी कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) बिल्डिंग में जा चुका है। गृह मंत्रालय को नए कॉम्प्लेक्स में 347 कमरे आवंटित किए गए हैं। करीब 90 सालों से देश का गृह मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से ही संचालित हो रहा था।

कर्तव्य भवन-1 और 2 में डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं

कर्तव्य भवन-1 और 2 बिल्डिंग में डिजिटल तकनीकों से लैस ऑफिस, जनता से सीधे संपर्क के लिए पब्लिक एरिया और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन की व्यवस्था है। सरकार का कहना है कि इससे मंत्रालयों के बीच तालमेल, कामकाज की स्पीड और लोगों की भागीदारी बेहतर होगी।

बिल्डिंग्स को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, वाटर कन्जर्वेशन सिस्टम, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और एनर्जी एफिशिएंट कंस्ट्रक्शन टेक्निक्स का इस्तेमाल किया गया है।

इनसे पर्यावरण पर असर कम पड़ेगा और कामकाज की क्वालिटी बढ़ेगी। इन कैंपस में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस एमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल हैं। इससे अधिकारियों और विजिटर्स के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित मौहाल रहेगा।

सरकार का दावा- पुराने बिल्डिंग्स में मेंटेनेंस खर्च ज्यादा

सरकार के मुताबिक, कई दशकों से केंद्र सरकार के कई प्रमुख मंत्रालय और ऑफिस सेंट्रल विस्टा एरिया में अलग-अलग और पुराने बिल्डिंग में काम कर रहे थे। इससे कामकाज में तालमेल की दिक्कतें, संचालन में देरी, रखरखाव का बढ़ता खर्च और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण की कमी जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।

इसलिए नए बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के जरिए इन सभी दिक्कतों को दूर करने की कोशिश की गई है। अब प्रशासनिक कार्यों को एक ही जगह आधुनिक और भविष्य के अनुरूप सुविधाओं के साथ संचालित किया जाएगा।

6 अगस्त 2025 : PM ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2025 को कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-3 बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। इसमें गृह, विदेश, ग्रामीण विकास, एमएसएमई, पेट्रोलियम और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के ऑफिस हैं।

कर्तव्य भवन-3 सेंट्रल विस्टा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत तैयार हो रहे कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) की पहली बिल्डिंग है। CCS में कुल 10 ऑफिस बिल्डिंग और एक कन्वेंशन सेंटर शामिल है।

अब जानिए क्या है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट?

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में री डेवलपमेंट-कंस्ट्रक्शन शामिल

सेवा तीर्थ का निर्माण भी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत किया गया है। इसी प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ बनाए गए हैं। कर्तव्य पथ के दोनों तरफ के इलाके को सेंट्रल विस्टा कहते हैं।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतों का री-डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शामिल है। सेंट्रल विस्टा की घोषणा सितंबर, 2019 में हुई थी। 10 दिसंबर, 2020 को PM मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पूरे प्रोजेक्ट के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का बजट है।

नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे नेशनल म्यूजियम

सरकार की योजना है कि नॉर्थ-साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदला जाएगा। इसे विश्वस्तरीय म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की सभ्यता को दिखाया जाएगा।

इसमें करीब 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूजियम्स में से एक होने की संभावना है।

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मोदी बोले- मंत्रालयों के लिए ₹1500 करोड़ किराया चुका रही सरकार, कर्तव्य भवन से यह परेशानी दूर होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर में दिल्ली में कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-03 बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा था कि कर्तव्य भवन में विकसित भारत की नीतियां बनेंगी। ये सिर्फ इमारत नहीं, करोड़ों लोगों के सपनों को साकार करने की भूमि है। पीएम ने कर्तव्य भवन की जरूरत के बारे में बताया था कि 100 सालों से होम मिनिस्ट्री एक ही बिल्डिंग में है। कुछ मंत्रालय किराए की बिल्डिंग में हैं। सालाना 1500 करोड़ रुपए रेंट देना पड़ता है। पूरी खबर पढ़ें…

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