रघुराम राजन का कॉलम:  कहीं घाटे का सौदा नहीं साबित होने लगे ‘एआई’
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रघुराम राजन का कॉलम: कहीं घाटे का सौदा नहीं साबित होने लगे ‘एआई’

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एआई टूल्स यकीनन हमारे काम की प्रकृति को बदल रहे हैं। बड़े भाषा मॉडल्स (एलएलएम) पहले ही मेरे अपने शोध पत्रों पर ऐसी रिपोर्टें तैयार कर सकते हैं, जो मनुष्यों द्वारा बनाई रिपोर्टों को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। मनुष्यों के विपरीत- जो हमेशा समय की कमी से जूझते हैं- एक एलएलएम पलभर में बहुत अधिक सूचनाओं तक पहुंच रखता है और अमूमन उसमें पूर्वग्रह भी कम होते हैं। एआई मेरी विश्लेषणात्मक कमजोरियों की ओर भी इशारा करता है, प्रूफ चेक करता है और सुधार के लिए सुझाव देता है। मनुष्यों के द्वारा बनाई जाने वाली रिपोर्टें शायद ही कभी इससे बेहतर होती हैं। फिर भी, एआई को लेकर बाजार में जो अतिशय उत्साह दिखाया जा रहा है, वो अब चिंता का सबब बन गया है। ऐसे में इस पर विचार करना जायज है कि एआई आपूर्ति शृंखला में चीजें कहां पर गलत हो सकती हैं। एआई की आपूर्ति शृंखला बुनियादी ढांचे के उत्पादकों और डिजाइनरों के साथ शुरू होती है : टीएसएमसी और सैमसंग जैसी कंपनियां चिप्स बनाती हैं; एनवीडिया उनको डिजाइन करती है और सिस्को कनेक्टिविटी प्रदान करती है। इसके बाद अमेजन, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे हाइपरस्केलर आते हैं। वे अपने स्वयं के एआई मॉडल के उपयोग के लिए और दूसरों को कंप्यूटिंग क्षमता बेचने के लिए डेटा सेंटर बना रहे हैं। हाइपरस्केलरों के अलावा इक्विनीक्स (डेटा सेंटर) जैसी कंपनियां और यकीनन मौलिक एलएलएम के डेवलपर्स- एन्थ्रोपिक और ओपनएआई भी हैं। सबसे अंत में, एआई सेवाओं के एंड-यूजर्स हैं। व्यक्तियों द्वारा एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और कुछ क्षेत्रों (जैसे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कस्टमर सपोर्ट) में भी कॉर्पोरेट उपयोग विस्फोटक गति से बढ़ा है। लेकिन अधिकांश बड़ी कंपनियां अभी तक एंड-टु-एंड उपयोगों को लागू नहीं कर पाई हैं। कई को अभी भी अपने ऐतिहासिक डेटा को व्यवस्थित करने और पारंपरिक ऑपरेशंस को पुनर्गठित करने की आवश्यकता है, ताकि एआई को और सुधार के लिए डिप्लाई किया जा सके। इसके अलावा, कई फर्में डेटा सुरक्षा, त्रुटियों और गलत जानकारियों को लेकर चिंतित हैं, जो उनकी ब्रांड छवि को नष्ट कर सकती हैं। इस सबके चलते एआई रोलआउट कई तरीकों से बाधित हो सकता है, जिससे जोखिम पैदा होगा। उदाहरण के लिए, यदि ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट, सीपीयू और मेमोरी चिप्स तेज अधिक एनर्जी-इफि​शिएंट हो जाते हैं तो मौजूदा डेटा सेंटरों में उपकरणों का मूल्य तेजी से घट सकता है। फिलहाल तो एआई लैब्स नए और बड़े मॉडलों को प्रशिक्षित करने के लिए भारी रकम का निवेश कर रहे हैं। उनकी सोच यह है कि किसी ऐसे जादुई बिंदु तक पहुंचने वाला पहला मॉडल- जहां वह सेल्फ-इम्प्रूविंग बन जाएगा- एआई की दुनिया पर राज करेगा और भारी मुनाफा कमाएगा। लेकिन अभी तक किसी भी मॉडल को कोई स्थायी बढ़त हासिल नहीं हुई है। जब तक जेमिनाई (गूगल), क्लॉड (एन्थ्रोपिक) और चैटजीपीटी (ओपनएआई) यूजर्स के विशिष्ट सेगमेंट्स को आकर्षित करके (या आपस में विलय या सहभागिता करके) खुद को अलग नहीं बना लेते, यह देखना मुश्किल है कि ट्रेनिंग में उनके द्वारा किए जा रहे भारी-भरकम निवेश के लिए मुनाफा कहां से आएगा। राजनेता भले ही अब तक किनारे पर खड़े देख रहे हों, लेकिन एआई के जोखिमों और चिंताओं को दूर करने के लिए वे देर-सबेर नीतिगत हस्तक्षेप करेंगे ही। चूंकि डेटा सेंटर भारी मात्रा में बिजली की खपत करते हैं- जिससे सभी के लिए बिजली की कीमत बढ़ जाती है- ऐसे में सरकारों पर उनके निर्माण को सीमित करने के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। उदाहरण के लिए, इंडियाना में कई काउंटियों ने हाल ही में डेटा-सेंटर निर्माण पर रोक की घोषणा की है। अगले वर्ष के लिए पहले से ही किए गए अनुमान यह सुझाव देते हैं कि हार्डवेयर निर्माता और डेटा सेंटर पर्याप्त अमेरिकी कंप्यूटिंग शक्ति की आपूर्ति करने में असमर्थ होंगे। जहां एआई के वृहत्तर उपयोग में कई लोगों की उम्मीद से अधिक समय लग सकता है, वहीं हैकर्स और डीपफेकर्स द्वारा इसका दुर्भावनापूर्ण उपयोग, और बच्चों द्वारा इसका अनियंत्रित उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई मॉडलों के लिए रेगुलेशन और अधिक जवाबदेही की मांग करने वालों की आवाज मुखर होती जाएगी। एआई से उत्पन्न जोखिम दुनिया की प्रमुख ताकतों के बीच संवाद को भी प्रेरित कर सकते हैं, जो शायद किसी प्रकार के एआई जिनेवा कन्वेंशन की ओर ले जाए। इन तमाम अनिश्चितताओं को देखते हुए यह स्पष्ट नहीं है कि एआई को कितनी व्यापकता से और कितनी तेजी से रोल-आउट किया जाएगा, और इससे किसे लाभ होगा। अभी तक किसी भी एआई मॉडल को दूसरे पर कोई स्थायी बढ़त हासिल नहीं हुई है। यह देखना मुश्किल है कि जेमिनाई, क्लॉड या चैटजीपीटी के द्वारा ट्रेनिंग में किए जा रहे भारी-भरकम निवेश के लिए मुनाफा कहां से आएगा। (@प्रोजेक्ट सिंडिकेट)



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