राम मंदिर: चढ़ावा चोरी के बाद बदल गई सुरक्षा व्यवस्था, लगाए गए अतिरिक्त कैमरे; कैश की व्यवस्था भी बदली
होम

राम मंदिर: चढ़ावा चोरी के बाद बदल गई सुरक्षा व्यवस्था, लगाए गए अतिरिक्त कैमरे; कैश की व्यवस्था भी बदली

Spread the love


श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावे की सुरक्षा और गणना प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत गणनास्थल की निगरानी बढ़ाने के लिए 13 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि दान पेटियों को मंदिर परिसर से गणना केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 27 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।

नई व्यवस्था के अनुसार अब गणनास्थल पर कुल 43 अधिकृत लोग मौजूद रहेंगे। जिन स्थानों पर पहले कैमरों का कवरेज नहीं था, वहां अतिरिक्त सीसीटीवी लगाए गए हैं, ताकि पूरी गणना प्रक्रिया लगातार निगरानी में रहे। दान पेटियों को मंदिर से गणनास्थल तक ले जाने के लिए 27 सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये सभी सुरक्षाकर्मी एसआईएस के हैं। इसके अलावा पुलिस बल की तैनाती भी दान पेटी और गणनास्थल के बीच विभिन्न पिलरों पर कर दी गई। विशेष रूप से पिलर नंबर-34 पर तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, क्योंकि इसी स्थान पर गुप्त दान पेटी रखी गई है। पहले पुलिस कर्मियों को सुरक्षा में नहीं लगाया गया था। पूरी जिम्मेदारी ट्रस्ट व बैंक के कर्मी ही संभालते थे।

ट्रस्ट ने वित्तीय लेन-देन की व्यवस्था भी बदल दी है। अब किसी भी बैंक ट्रांजैक्शन के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। इससे पहले यह व्यवस्था डॉ. अनिल मिश्रा देखते थे और बैंक संबंधी दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर होते थे, जबकि कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी के डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग किया जाता था।

आधे घंटे में काउंटिंग हॉल तक पहुंच जाता है चढ़ावा

राम मंदिर में आरती के बाद जब दर्शन करीब आधे घंटे के लिए बंद रहते हैं, उसी दौरान गर्भगृह और मंदिर परिसर में लगे दानपात्रों को काउंटिंग टीम खोलती है। दानपात्रों से निकाली गई नकद राशि को निर्धारित बॉक्स में रखा जाता है। इसके बाद काउंटिंग टीम के कर्मचारी इन बॉक्सों को मंदिर परिसर से बाहर खड़ी वैन तक लेकर जाते हैं। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा कर्मी उनके साथ मौजूद रहते हैं। वैन से बॉक्स सीधे गणनास्थल (काउंटिंग हॉल) पहुंचाए जाते हैं, जहां नोटों और अन्य चढ़ावे की गणना शुरू होती है।

रात की शिफ्ट में गिनी गई नकदी अगले दिन भेजी जाती बैंक

सूत्रों के अनुसार दोनों शिफ्टों में दोपहर तीन बजे तक पूरी हुई नकदी की गणना के बाद राशि उसी दिन बैंक में जमा करने के लिए भेज दी जाती है। वहीं, देर शाम या रात की शिफ्ट में गिनी गई नकदी को डबल लॉक व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा जाता है। यह राशि अगले दिन बैंक में जमा कराई जाती है। अब चढ़ावे के परिवहन, गणना और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार हो रही है, जबकि पहले इनके अनुपालन में खामियां मिली थीं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *