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नई दिल्ली17 मिनट पहले
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राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर गुरुवार को 55 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है। वे देशद्रोही हैं। मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने मेरी बात नहीं मानी।
राहुल ने बताया, “भारत में हर सरकार के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी होती है, इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतने के बाद भी हारीं, फिर भाजपा के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। इसकी वजह ज्ञानेश कुमार हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में धांधली की। इससे मोदी-शाह के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी नहीं आई।”
राहुल ने 2025 में SIR पर तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस की थीं। तब उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने आयोग को सरकार की ‘B टीम’ भी कहा था।

राहुल ने कहा- वोट चोरी पर विपक्ष एकमत; 4 सवालों के जवाब दिए
1. सवाल: आपको कब और क्यों महसूस हुआ कि वोट चोरी हो रही है?
राहुल: जब मैं 7 साल का था, 1977 में इंदिरा गांधी पीएम थीं। हर कोई जानता था, खुद उनको भी पता की वह हार जाएंगी। महसूस हो जाता है कि आप हार जाएंगे। आपकी फीलिंग एक बार गलत हो सकती है, दो बार गलत नहीं हो सकती। दो-तीन चुनाव ऐसे थे जब हम टेक्निकली देख रहे थे। धीरे-धीरे वोट चोरी का शक बढ़ने लगा। फिर हम उस पर काम करने लगे।
2. सवाल: आपने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अप्रूवर बन जाना चाहिए। अगर उन्होंने आपकी सलाह नहीं मानी तो क्या आप सड़कों पर उतरेंगे?
राहुल: देश में वोट, कानून, संस्था और संविधान के बीच की कड़ी टूट गई है। सबको पता है कि सिस्टम डैमेज हो चुका है। लेकिन मोदी और शाह अपनी जांच थोड़ी करेंगे। पहले सिस्टम की रिपेयरिंग होगी, फिर जांच होगी।
3. सवाल: ममता ने कहा कि इंडिया गठबंधन की बैठक कर विपक्ष देशव्यापी आंदोलन करेगा। क्या आपके पुराने सहयोगी भी साथ आएंगे?
राहुल गांधी: विपक्ष में इस बात को लेकर 100% एग्रीमेंट है कि वोट चोरी हो रही है। भाजपा के अंदर भी लोग कह रहे हैं। हम सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर इसके खिलाफ काम करेंगे और संविधान की रक्षा करेंगे।
4. सवाल: SIR में एक तरफ जहां करोड़ों लोग बाहर हो रहे हैं वहीं जेन-जी के लिए अपना नाम जुड़वाना मुश्किल हो रहा है। रजिस्ट्रेशन में दिक्कत आ रही है। तो उसपर आप क्या कहेंगे।
राहुल गांधी: भाजपा को पता है कि जेन-जी उन्हें वोट नहीं देना चाहते। वे उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट से कंट्रोल खत्म हो गया है। उसकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है। वे भी इसे मान भी रहे हैं। और मुझे उनके बीच आपस की बातचीत की जानकारी है।

राहुल ने प्रेजेंटेशन में 3 स्लाइड दिखाईं
पहली में 19 तस्वीरें दिखाईं

राहुल ने पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह समेत 19 लोगों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने कहा कि यह सभी लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।
दूसरी में कहा- देशद्रोहियों को सजा मिले

राहुल ने कहा कि लोकतंत्र को खत्म करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह की जांच होनी चाहिए।
तीसरी में मोदी-शाह के पुराने बयान दिखाए

राहुल ने अमित शाह का वह वीडियो दिखाया, जिसमें उन्होंने भाजपा की 14 से 30 साल तक सरकार रहने की बात कही थी। इसके बाद मोदी का ‘400 पार’ वाला बयान दिखाया।
दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति जताई
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई।
संधू और जोशी का आरोप है कि आयोग के कई फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना लिए और जारी किए गए। उन्होंने कुछ कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दी गई थी। चार महीने बाद 9 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों की पूरी बैठक हुई। हालांकि इसमें किस मुद्दे पर चर्चा हुई, इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई। SIR में 13 करोड़ से ज्यादा नाम कटे, विवाद इसके तरीके पर: जून 2025 में बिहार से शुरू हुआ SIR अब 30 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच चुका है। इस दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा नाम काटे गए। 2 चुनाव आयुक्तों ने 4 अहम सवाल उठाए …
1. Form-6 में नया सवाल जोड़ा गया, जिसे आयुक्तों ने गैरकानूनी बताया
नया वोटर बनने के लिए Form-6 में एक नया सवाल जोड़ा गया था। इसमें पूछा गया कि क्या आवेदक या उसके माता-पिता/दादा-दादी का नाम पिछली SIR वाली वोटर लिस्ट में था। इस सवाल का जवाब देना जरूरी था। जवाब न देने पर प्रोसेस आगे नहीं बढ़ती।
विवेक जोशी ने मई में कहा कि नियम बदले बिना Form-6 में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता। संधू ने भी सहमति जताई। इसके बावजूद बदलाव हुआ। 13 अगस्त को संधू ने इसे ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताते हुए हटाने की मांग की। 2. वोटर डेटाबेस का कंट्रोल किसके पास
चुनाव आयोग के मुताबिक, वोटर लिस्ट तैयार करने की जिम्मेदारी विधानसभा स्तर के ERO की होती है। लेकिन संधू और जोशी ने सवाल उठाया कि क्या ERO की वोटर डेटाबेस तक पहुंच धीरे-धीरे सीमित की जा रही है?
जोशी ने वोटर डेटाबेस के ‘धीरे-धीरे दिल्ली में केंद्रीकरण’ पर सवाल उठाया। संधू ने भी कहा कि कई राज्य अधिकारी ERONet पर पूरी पहुंच नहीं होने की बात कह रहे हैं। दोनों ने सिस्टम की सुरक्षा और किसे डेटा बदलने की अनुमति है, इसकी जांच की मांग की।

3. पश्चिम बंगाल में अपील किसने की
पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 60 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली। जांच के बाद करीब 27 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हटाए गए नामों और दोबारा जोड़े गए नामों को लेकर करीब 38 लाख अपीलें ट्रिब्यूनल के सामने पहुंचीं। संधू ने सवाल उठाया कि इन अपीलों में करीब 16 लाख अपीलें किसने और किसकी अनुमति से दायर कीं?
उन्होंने कहा कि न तो उन्हें, न जोशी और न ही पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इसकी पूरी जानकारी दी गई थी। 4. गोवा में 97 योग्य वोटर क्यों छूट गए
गोवा में SIR के दौरान सॉफ्टवेयर ने कुछ वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी दिखाई। सुनवाई के बाद ERO ने 97 वोटरों को योग्य पाया, लेकिन उन्हें वोटर लिस्ट में दोबारा जोड़ने का विकल्प सॉफ्टवेयर में नहीं था। गोवा के अधिकारियों ने दिल्ली स्थित चुनाव आयोग को 11 से 17 फरवरी के बीच आठ बार ईमेल किया, लेकिन अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने तक सिस्टम में जरूरी बदलाव नहीं हुआ। नतीजतन ये 97 योग्य वोटर अंतिम लिस्ट में शामिल नहीं हो सके। कानून क्या कहता है
संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। तीनों का दर्जा बराबर है। मुख्य चुनाव आयुक्त ‘बराबरों में पहले’ होते हैं, बाकी आयुक्तों से ऊपर नहीं। 2023 के कानून के मुताबिक आयोग को जहां तक संभव हो, सर्वसम्मति से फैसले लेने चाहिए। मतभेद होने पर फैसला बहुमत से होता है। काम और जिम्मेदारियों का बंटवारा भी तीनों की सहमति से होना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के हर अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग देखें…
अपडेट्स
12:47 PM24 सितम्बर 2026
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BJP बोली- राहुल गांधी का पॉलिटिकल ज्ञान शून्य है
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया से बात की। सुधांशु ने कहा- “राहुल गांधी ने कहा कि मैं 50 साल से राजनीति समझ रहा हूं मगर उनकी खुद की उम्र 56 साल ही है। बंगाल में 1977 के बाद से कांग्रेस की सरकार नहीं आई है, बिहार में 1990 के बाद से कांग्रेस की सरकार नहीं आई है। राहुल गांधी को इसकी जानकारी ही नहीं है। जब से पारदर्शी चुनाव हो गए हैं, CCTV कैमरे आए हैं और स्वतंत्र मीडिया आया है तभी से इनके लाले पड़ गए हैं सत्ता में आने के लिए। राजनीतिक दृष्टि से राहुल गांधी का ज्ञान शून्य है।”
12:34 PM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने कहा- संविधान की चेन टूट गई
न्यूज एजेंसी ANI ने कहा, ‘आपने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अप्रूवर बन जाना चाहिए। आपकी सलाह उन्होंने नहीं मानी तो क्या आप सड़कों पर उतरेंगे।’ राहुल ने कहा- “ये जो हालात हैं, ये भारत में कभी नहीं आए। वोट, कानून, संस्था और संविधान की चेन टूट गई है। मोदी और शाह अपनी जांच थोड़ी करेंगे। एक बार सिस्टम की रिपेयरिंग होगी तो जांच होगी। सबको पता है कि सिस्टम डैमेज हो चुका है।”
12:30 PM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने कहा- संस्था ठीक होती तो हम उनपर भरोसा करते

राहुल ने कहा- कई लेवल पर ऐसा होता है। कई लोग यह काम कर सकते हैं। चुनाव आयोग जो कह रहा है, हम उसे नहीं मानेंगे, क्योंकि चेन ही टूट गई है। अगर वो चेन नहीं टूटती, वोटों की रक्षा होती, संस्था ठीक होती तो हम उनपर भरोसा करते।
12:29 PM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने कहा- उन्हें पता है जेन जी वोट नहीं देंगे
सवाल: जेन-जी वोटरों के नाम SIR में शामिल नहीं हो पा रहे हैं
राहुल ने कहा- उन्हें पता है कि जेन जी उन्हें वोट नहीं देना चाहते। चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट से कंट्रोल खत्म हो गया है। विश्वसनीयता खत्म हो गई है। इंटरनली वे मान भी रहे हैं।
12:26 PM24 सितम्बर 2026
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राहुल बोले- वोट चोरी पर आप बार-बार गलत नहीं हो सकते
सवाल- वोट चोरी को लेकर आपको कब पता चला कि ऐसा हो रहा है। राहुल का जवाब: जब मैं 7 साल का था, 1977 में इंदिरा पीएम थीं। हर कोई जानता था, खुद उनको भी पता की वह हार जाएंगी। महसूस हो जाता है। आप एक बार गलत हो सकते हो, दो बार गलत हो सकते हैं, लेकिन बार-बार नहीं। दो तीन चुनाव ऐसे थे जब हम टेक्निकली देख रहे थे, तो कह रहे थे कि ऐसा नहीं हो सकता। धीरे-धीरे शक बढ़ने लगा। हम उस पर काम करने लगे।
12:24 PM24 सितम्बर 2026
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इंडियन एक्सप्रेस का सवाल- विपक्ष आगे क्या करेगा
सवाल: अगर विपक्ष को पता है कि चुनाव आयोग में धांधली है तो आप लोग आगामी चुनावों में क्या करेंगे। राहुल का जवाब: जैसा मैंने पहले बाताया कि देश ऐसे पॉइंट पर कभी नहीं आया था। अगर आप मानते हैं कि देश में एकता है तो ये आपका धर्म है। जानकारी सिर्फ हमारे पास नहीं है बहुत से लोगों के पास है। वह बाहर आएगी। हम शुरू से कह रहे हैं कि 3 साल से वोट चोरी हो रही है। चुनाव निष्पक्ष नहीं हो रहे हैं। कांग्रेस पहले से यह कह रही थी। आज चुनाव आयोग खुद भी यह कह रहा है। एक तरीके से इसे स्वीकार कर लिया गया है।
12:21 PM24 सितम्बर 2026
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ज्ञानेश कुमार 3 साल पहले चुनाव आयोग में आयुक्त बने थे

12:20 PM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने 2023 के चुनाव आयुक्त कानून के 2 प्रावधानों पर उठाए सवाल
राहुल ने जिस कानून का जिक्र किया, उसका नाम मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 है। राहुल ने इसके 2 प्रावधानों पर सवाल उठाए।
1. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर
इस कानून के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। लेकिन राष्ट्रपति को इसके लिए एक चयन समिति की सिफारिश मिलती है। इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की ओर से नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री होते हैं। यानी 3 सदस्यों वाली इस समिति में 2 सदस्य केंद्र सरकार की ओर से होते हैं।
2. चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा पर
कानून की धारा 16 के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्त ने अपने आधिकारिक काम के दौरान या आधिकारिक ड्यूटी निभाने का दावा करते हुए कोई काम, कार्रवाई या बयान दिया है, तो उससे जुड़े दीवानी या आपराधिक मामले को अदालत सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं कर सकती और न ही उसकी सुनवाई जारी रख सकती है। यह सुरक्षा आधिकारिक काम से जुड़े मामलों के लिए है। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें हर तरह के अपराध या हर स्थिति में गिरफ्तारी से पूरी छूट मिली हुई है।
12:02 PM24 सितम्बर 2026
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राहुल बोले- ज्ञानेश कुमार को मोदी-शाह बचाते हैं
राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पीएम मोदी ने नियुक्त किया और उनके खिलाफ लिखे मेरे लेटर पर कोई कार्रवाई इसलिए नहीं हुई, क्योंकि पीएम, शाह उन्हें बचाते हैं। हमारे पास कई सबूत हैं। हम एक ऐसी जगह पर हैं, जहां इससे पहले कभी नहीं बैठे। भारत में ऐसा पहली बार हुआ है कि देश ऐसे पॉइंट पर आ गया है। ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। आप बहुत पढ़े-लिखे हैं। समझिए कि क्या हो रहा है। आपने जो किया है वह भारत के खिलाफ है आपको वोटों की रक्षा करनी चाहिए थी। इसके अंजाम भुगतने पड़ेंगे। जो लोग इसके जिम्मेदार है उनको आज या कल सजा जरूर मिलेगी।
11:57 AM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने कहा- ज्ञानेश वोटिंग सिस्टम को डैमेज करने के लिए जिम्मेदार

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पीएम मोदी और शाह ने चुना था। अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार वोटिंग सिस्टम में डैमेज के जिम्मेदार हैं। वोट चोरी से कानून चोरी होती है। वोट गया मतलब लॉ मेकिंग सिस्टम गया। अगर वोट चुराया गया है और सांसद संसद में बैठे हैं तो वे कोई भी कानून बनाएंगे, वह गलत होगा। उनके बनाए सभी कानून गैरकानूनी होंगे। मुझे कोई शक नहीं है कि 6 महीने के अंदर आपके सामने ये ब्लैक एंड व्हाइट होगा।
11:52 AM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने कहा- हमारे कानून भी गैरकानूनी हो गए
राहुल ने कहा- ‘हमारे कानून भी गैरकानूनी हो गए। ये सिर्फ वोट पर हमला नहीं है। ये बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला है, जो लोगों को अपना नेता चुनने का अधिकार देता है। वोटों की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। अगर वोट खत्म हो गया, तो संविधान काम नहीं कर रहा है।’
11:48 AM24 सितम्बर 2026
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राहुल गांधी ने कहा- वोट को खत्म किया

राहुल गांधी ने कहा, यह हम सबके लिए एक सवाल है। हम समझ सकते हैं कि कोई आदमी पॉपुलर हो सकता है, लेकिन हमें ये नहीं समझ आता कि भाजपा के समय एंटी इनकेंबेसी गायब हो जाती है। एंटी इनकंबेसी हर जगह होती है। हम जवाबों की तलाश कर रहे थे। हमें जवाब मिल गया है। वोट देश का फाउंडेशन है। वोट की रक्षा चुनाव आयोग करता है। और इससे संविधान को शक्ति मिलती है। इससे हमारे कानून बनते हैं। कानून से हमारी संस्था इवोल्व होती हैं। वोट को खत्म किया गया यानी संविधान को खत्म किया गया।
11:46 AM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने कहा- एंटी इनकंबेसी सभी पार्टियों के साथ हुई, लेकिन मोदी के साथ नहीं
राहुल ने कहा कि कोई नेता ऐसे बयान नहीं दे सकता, क्योंकि भारत में फंडामेंटल फोर्स है। इंदिरा जी बांग्लादेश युद्ध जीतीं। अचानक एक साल के अंदर उनके खिलाफ एंटी इनकंबेसी आ गई। ऐसा फिर होता चला गया। एक के बाद एक नेताओं के साथ। लेकिन ऐसा कभी मोदी जी, शाह या भाजपा के नेता के साथ नहीं हुआ। यह हम सबके लिए एक सवाल है। हम समझ सकते हैं कि कोई आदमी पॉपुलर हो सकता है।
11:44 AM24 सितम्बर 2026
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रिपोर्ट में दावा- चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां ज्ञानेश कुमार को भेजी थीं
इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच 14 बार आयोग के फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज की।
इनमें वोटर लिस्ट, Form-6, नए वोटरों और वोटर डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों की प्रतियां CEC ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थीं। यह विवाद जून 2025 से बिहार में शुरू हुए SIR के दौरान सामने आया।

11:44 AM24 सितम्बर 2026
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राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू
राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त पर आरोपों को लेकर एक पीपीटी बनाया, जिसे मीडिया के सामने रख रहे हैं।
10:50 AM24 सितम्बर 2026
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चुनाव आयोग बोला- फैसले सर्वसम्मति से हुए, दावों पर 8 पॉइंट में दिए जवाब
चुनाव आयोग ने 23 सितंबर की शाम पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा। आयोग ने X पर बयान जारी कर कहा कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के दावों पर 8 पॉइंट अपना जवाब दिया। पूरी खबर पढ़ें…
10:26 AM24 सितम्बर 2026
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राहुल ने 2025 में वोट चोरी के आरोप में 3 प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं
4 नवंबरः राहुल बोले- बिहार में ऑपरेशन सरकार चोरी जारी

राहुल गांधी ने 4 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि बिहार में हरियाणा की ऑपरेशन सरकार चोरी चलाया जा रहा है। राहुल ने बिहार के 5 वोटरों को मंच पर बुलाया। सभी ने कहा कि उनके नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। राहुल ने वोटर वैरिफिकेशन पर 1 घंटा 20 मिनट लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 3.5 लाख वोटर्स का नाम लिस्ट से काट दिया गया था। बिहार में भी यही दोहराया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
18 सितंबर: राहुल ने ECI प्रमुख पर लगाए वोट चोरों की रक्षा करने के आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 सितंबर को कहा था- ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को नष्ट करने वालों और वोट चोरों को बचा रहे हैं।’ राहुल ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां कांग्रेस समर्थकों के वोट योजनाबद्ध तरीके से हटाए गए। पढ़ें पूरी खबर…

राहुल ने 18 सितंबर को दिल्ली में ‘वोट चोरी’ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति को भी मंच पर बुलाया, जिसका दावा था कि उसका नाम हटाया गया है।
7 अगस्त- राहुल ने वोटर लिस्ट में अवैध नाम जोड़ने के आरोप लगाए
राहुल गांधी ने 7 अगस्त को वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर 1 घंटे 11 मिनट तक 22 पेज का प्रेजेंटेशन दिया। राहुल ने स्क्रीन पर कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में संदिग्ध वोटर मौजूद हैं।उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के नतीजे देखने के बाद हमारा शक पुख्ता हुआ कि चुनाव में चोरी हुई है। पढ़ें पूरी खबर…









