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12 जून की वो शाम याद कीजिए, जब एलन मस्क की स्पेसएक्स पहली बार शेयर बाजार में उतरी थी। कंपनी ने शेयर का दाम 135 डॉलर तय किया था। लेकिन बाजार खुलते ही भाव 150 डॉलर तक पहुंच गया। दिन भर में यह 176 डॉलर तक चढ़ा और आखिर में 160.95 डॉलर पर बंद हुआ। यह इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन चुका था। अगले हफ्ते तो हद ही हो गई- शेयर 225 डॉलर तक पहुंच गया। इसके साथ ही स्पेसएक्स मार्केट कैप के मामले में अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट को भी पीछे छोड़ चुकी थी। बीबीसी वर्ल्ड की एक रिपोर्ट में निवेश रिसर्च कंपनी सीएफआरए के विश्लेषक कीथ स्नाइडर ने कहा है, ‘मस्क जिस भी कंपनी को छूते हैं, लोग उत्साहित हो जाते हैं। लेकिन यह पहला मौका था जब लोगों को लगा कि वे किसी ऐसी चीज में निवेश कर रहे हैं जिसे एआई प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा था।’ दरअसल, इसी साल स्पेसएक्स ने मस्क की ही एआई कंपनी एक्सएआई को खरीदा था, जिसे अब स्पेसएक्स एआई नाम दिया गया है और जो चैटबॉट ग्रोक के लिए जानी जाती है। लेकिन असलियत सामने आते ही तस्वीर बदलने लगी। स्पेसएक्स की असली कमाई तो रॉकेट बनाने, उन्हें लॉन्च करने और स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस से होती है। जैसे ही स्टारलिंक ने अमेरिका के मेम्फिस इलाके में डेटा सेंटर को लेकर स्थानीय विरोध के बीच कीमतें घटाने का ऐलान किया, उस दिन शेयर 8% तक गिर गया। 7 जुलाई को जब स्पेसएक्स को नैस्डैक-100 इंडेक्स में शामिल किया गया, तब भी पूरा इंडेक्स 1.7% गिरा, लेकिन स्पेसएक्स का शेयर 4.4% टूटा। पहले महीने के आखिर तक शेयर का भाव करीब 145 डॉलर रह गया। यानी पहले दिन के उच्चतम स्तर से 18% और अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से 35% नीचे। मतलब जिन रिटेल निवेशकों ने लिस्टिंग के शुरुआती पांच दिनों में शेयर खरीदे, वे अभी भारी घाटे पर बैठे हैं। स्नाइडर तो यहां तक कहते हैं कि यह गेमस्टॉप और वेंडीज जैसे ‘मीम स्टॉक’ की तरह व्यवहार करने लगा था, जहां सिर्फ ऑनलाइन उत्साह से कीमतें उछलती हैं। यह एक हद तक सही भी है। पिछले साल स्पेसएक्स ने 18 अरब डॉलर (1.7 लाख करोड़) की कमाई की थी और अब भी यह घाटे में चल रही है। बिना कैश चुकाए खरीदी 5.7 लाख करोड़ की कोडिंग कंपनी 16 जून को जब स्पेसएक्स का शेयर उछाल पर था, ठीक उसी दिन कंपनी ने कोड लिखने वाले एआई बॉट स्टार्टअप कर्सर को 60 अरब डॉलर (5.7 लाख करोड़) में स्पेसएक्स के शेयर चुकाकर खरीद लिया। चूंकि उस वक्त स्पेसएक्स के शेयर की कीमत आसमान पर थी, मस्क ने असल में बिना नकद खर्च किए ही यह कंपनी हासिल कर ली। विश्लेषक सैमुअल कर इसे बाजार की ऐसी समझ बताते हैं जो शायद ही किसी अन्य कंपनी के पास हो।
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