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लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स पर निवेशकों के सुझाव सुनेगी सरकार: वित्त मंत्री बोलीं- बजट चर्चाओं में STT पर भी बात होगी; अभी 12.5% LTCG लगता है

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नई दिल्ली1 घंटे पहले

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)।  - Dainik Bhaskar

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार बजट से पहले होने वाली चर्चाओं में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स यानी LTCG टैक्स हटाने को लेकर मिलने वाले सुझावों को सुनने के लिए तैयार है। वित्त-मंत्री ने नई दिल्ली में ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ में यह बात कही है।

इसके अलावा सीतारमण ने देश की आर्थिक स्थिति, कैपिटल मार्केट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में हो रहे निवेश पर भी बात की।

सवाल 1. LTCG टैक्स और STT को लेकर फाइनेंस मिनिस्टर ने क्या कहा?

जवाब: सीतारमण ने बताया कि देश और विदेश दोनों तरह के निवेशक इक्विटी पर लगने वाले LTCG टैक्स और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

बाजार में STT और अलग-अलग एसेट क्लासेज को एक समान तरीके से ट्रीट करने के सवाल पर काफी बहस हो रही है। इस तरह की बहस होना काफी हेल्थी है और सरकार बजट चर्चा में इस पर सुझाव सुनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सवाल 2. क्या सरकार LTCG टैक्स खत्म या कम करने पर विचार कर रही है?

जवाब: वित्त मंत्री के बयान के मुताबिक, सरकार ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन वे बजट की बैठकों में निवेशकों और एक्सपर्ट्स के सुझावों पर विचार करने के लिए सहमत है।

STT और LTCG दोनों ही शेयर बाजार निवेशकों से सीधे जुड़े हुए हैं, इसलिए बाजार को उम्मीद है कि बजट में इस पर राहत मिल सकती है।

सवाल 3. प्राइवेट कैपिटल और निवेश किन-किन सेक्टर्स में तेजी से बढ़ रहा है?

जवाब: सीतारमण ने जानकारी दी कि घरेलू और विदेशी प्राइवेट कैपिटल अब तेजी से नए और भविष्य के सेक्टर्स में जा रहा है।

  • रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया।
  • सेमीकंडक्टर चिप्स: चिप डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग।
  • डेटा सेंटर्स और ट्रांसमिशन लाइन्स।
  • बायोसिमिलर्स, ड्रग मैन्युफैक्चरिंग और एविएशन सेक्टर के MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल) सेंटर्स।

सवाल 4. सेमीकंडक्टर चिप्स और AI को लेकर भारत की क्या स्ट्रैटेजी है?

जवाब: वित्त मंत्री ने कहा कि भारत न केवल AI पर काम कर रहा है, बल्कि उन सेक्टर्स को भी मजबूत बना रहा है जो AI को सक्षम बनाते हैं। इसमें सेमीकंडक्टर चिप्स, डिजाइन और पैकेजिंग शामिल हैं।

सरकार ने एडवांस, फाइनर-नैनोमीटर चिप्स के साथ-साथ उन बेसिक चिप्स को बनाने का भी फैसला किया है जो पूरी अर्थव्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जरूरी हैं।

सवाल 5. देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और फंडिंग की क्या स्थिति है?

जवाब: इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग पर वित्त मंत्री ने बताया कि 2019 के आखिरी में लॉन्च किया गया नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) अब $4.5 ट्रिलियन के आंकड़े को पार कर चुका है।

इसके अलावा, फंड जुटाने और प्रोजेक्ट्स को तेजी देने में इन दो संस्थानों- नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) ने अहम भूमिका निभाई है।

सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 सालों में जिस भी सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत थी, भारत ने उसमें बेहतरीन प्रदर्शन किया है और यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी।

सवाल 6. एविएशन सेक्टर में ग्रोथ की क्या स्थिति है?

जवाब: सीतारमण के अनुसार, भारत का सिविल एविएशन सेक्टर इस समय लगभग 16% की सालाना दर से बढ़ रहा है। एयरलाइंस की मांग बढ़ने के साथ-साथ देश में एयरक्राफ्ट्स के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) सेंटर्स की स्थापना के लिए निवेशकों के पास बड़े अवसर हैं।

सवाल 7. भारतीय रुपए और डॉलर के मुकाबले आ रही गिरावट पर वित्त मंत्री ने क्या कहा?

जवाब: डॉलर के मुकाबले रुपए में उतार-चढ़ाव को वित्त मंत्री ने एक चुनौती स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) किसी तय एक्सचेंज रेट को टारगेट नहीं कर रहा है।

RBI का पूरा ध्यान बाजार में रुपए की अस्थिरता को रोकने पर है। इसके लिए रिजर्व बैंक लगातार कदम उठा रहा है और आगे भी जरूरी उपाय जारी रखेगा।

सवाल 8. भारत की ओवरऑल इकोनॉमी की स्थिति पर फाइनेंस मिनिस्टर का क्या रुख रहा?

जवाब: वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत के मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित हैं। सरकार ने फाइनेंशियल डिसिप्लिन का सख्ती से पालन किया है। दुनिया भर में चल रही आर्थिक उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG): शेयर से कमाई पर टैक्स

  • 1 साल से ज्यादा शेयर रखें तो लागू: अगर आप शेयर या म्यूचुअल फंड 1 साल से ज्यादा रखकर बेचते हैं, तो होने वाले फायदे पर LTCG टैक्स लगता है।
  • 1.25 लाख की छूट, बाकी पर 12.5% टैक्स: साल में 1.25 लाख रुपए तक के मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन इससे ऊपर की कमाई पर 12.5% टैक्स देना होगा।

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG): कम समय की कमाई पर टैक्स

अगर आप शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड को 12 महीने से कम समय तक रखकर बेचते हैं, तो STCG पर 20% की दर से टैक्स लगता है (इस पर कोई ₹1.25 लाख की छूट नहीं मिलती)।

सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT): शेयर खरीदने-बेचने का टैक्स

  • मुनाफा हो या घाटा, यह टैक्स कटेगा: यह आपकी कमाई पर नहीं, बल्कि शेयर बाजार में लेन-देन (ट्रेडिंग) की कुल रकम पर सीधे लगता है।
  • डिलीवरी पर 0.1% और इंट्राडे पर 0.025%: शेयर खरीदने और बेचने (डिलीवरी) पर दोनों तरफ 0.1% और उसी दिन बेचने (इंट्राडे) पर सिर्फ बेचने वाली रकम पर 0.025% STT कटता है।

$4.5 ट्रिलियन NIP प्रोजेक्ट क्या है?

नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP): 2019 में शुरू हुई यह केंद्र सरकार का एक बड़ा प्लान है, जिसका उद्देश्य देश भर में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, रेलवे, एनर्जी, शहरी विकास) का निर्माण करना है।

वहीं $4.5 ट्रिलियन पार होना यह दर्शाता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर सरकारी और प्राइवेट फंड्स का निवेश हो चुका है।

बजट पर नजर रखें: यदि आप शेयर बाजार में निवेशक हैं, तो केंद्रीय बजट की बैठकों और घोषणाओं पर ध्यान रखें। LTCG या STT में बदलाव से मार्केट सेंटीमेंट्स और आपके पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ सकता है।

इमर्जिंग सेक्टर्स में अवसर: रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और एविएशन MRO सेक्टर्स में सरकार का ध्यान और प्राइवेट फंड्स बढ़ रहे हैं, जिससे इन सेक्टरों से जुड़ी कंपनियों में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

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