वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे पर प्रति किलोमीटर 3.05 रुपये टोल टैक्स लगता है, जो कि प्रदेश के पांच एक्सप्रेसवे की टोल दरों से ज्यादा है। महंगा टोल चुकाने के बाद भी हाईवे के 80 किलोमीटर में 12 ब्लैक स्पॉट हैं। जगह-जगह गड्ढे हैं। हाथीनाला से सुकृत के बीच 40 जगहों पर सड़क धंस गई है। आठ जगहों पर अवैध कट हैं। ब्रेकर ऐसे हैं कि दूर से नजर नहीं आते। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने और सड़क खराब होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
बग्घानाला, मधुपुर, उरमौरा, सुकृत, डाला, चोपन, सलखन, मारकुंडी, लोहरा, बिच्छी पड़ाव, हिंदुआरी और चंडी तिराहा रॉबर्ट्सगंज ब्लैक स्पॉट पर पिछले एक साल में 5 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, टोल वसूलने वाली कंपनी नियमित मरम्मत का दावा करती है मगर स्थिति इसके उलट है।
वर्ष 2015-16 में मिर्जापुर के नरायनपुर से सोनभद्र के हाथीनाला तक 115 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे को कुल 1211.96 करोड़ रुपये से बनाया गया था। हाईवे के रखरखाव का जिम्मा उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथॉरिटी (उपसा) ने एसीपी टोल वेज को सौंपा है। कंपनी तीन स्थानों पर स्थायी बूथ बनाकर वाहनों से टोल वसूलती है। कार, जीप, वैन जैसे छोटे वाहनों के लिए टोल की दर प्रति किलोमीटर 3.05 रुपये है।
हाईवे से रोजाना दो हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। इस टोल के बदले राहगीरों को अच्छी सड़क और सुविधाएं मिलनी चाहिए, मगर स्थिति इससे जुदा है। हाईवे पर हिंदुआरी, मारकुंडी घाटी, गुरमा, सलखन, पटवधन, चोपन, तेलगुड़वा, गुरमुरा में सड़क धंस गई और गड्ढे बन गए हैं। इसकी वजह से अक्सर हादसे हो रहे हैं।







