स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  धरती, आकाश, जल, वायु और सूर्य नि:स्वार्थ भाव से काम करते हैं, हम भी परोपकार करें
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: धरती, आकाश, जल, वायु और सूर्य नि:स्वार्थ भाव से काम करते हैं, हम भी परोपकार करें

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हरिद्वार6 घंटे पहले

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दूसरों की भलाई करते रहना चाहिए। हमें मेहनती और कर्मशील बनकर लोगों की मदद करनी चाहिए। अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के हित के बारे में सोचना चाहिए। प्रकृति हमें यही शिक्षा देती है। धरती, आकाश, जल, वायु, सूर्य और तारे बिना किसी स्वार्थ के सबके लिए काम करते हैं। हमें भी उनके जैसे बनना चाहिए। पेड़ भी अपने फल, फूल, छाया और लकड़ी दूसरों को देते हैं। वे बदले में कुछ नहीं मांगते। इसलिए हमें प्रकृति और वृक्षों को अपना आदर्श मानकर निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करनी चाहिए।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए सूर्य से क्या प्रार्थना करनी चाहिए?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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