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संकट और अनिश्चितता के दौर में अमेरिका में लोगों का झुकाव फिर से कुंडली की तरफ बढ़ा है। न्यूयॉर्क की मशहूर ज्योतिषी सुसान मिलर जन्म कुंडली के जरिए लेखन क्षमता, सेहत, आर्थिक स्थिति और घर बदलने जैसे बदलावों के संकेत बताती हैं। मिलर का कहना है कि ज्योतिष किसी घटना का अंतिम नतीजा नहीं बताता, यह सिर्फ आने वाले हालात और जोखिम की तरफ इशारा करता है। मिलर के मुताबिक कुंडली में कुछ तारीखें अशुभ हो सकती हैं। ऐसे समय में वे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देती हैं। नई पीढ़ी की लोकप्रिय ज्योतिषी चानी निकोलस ज्योतिष को एक तकनीक और भाषा की तरह देखती हैं। वे इसे राजनीति और समाज में हो रहे बड़े बदलावों से जोड़कर पढ़ती हैं। वहीं, प्रसिद्ध ज्योतिषी एलीजा केली चेतावनी देती हैं कि ज्योतिष का गलत इस्तेमाल लोगों में डर और मानसिक व्याकुलता फैलाने के लिए भी हो सकता है। पहचान का संकट – अनिश्चितता में खुद को समझने का जरिया अमेरिका की डेनिसन यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र की एसोसिएट प्रोफेसर शिरी नॉय के 2025 के रिसर्च पेपर के मुताबिक, लोग ज्योतिष को अपनी पहचान समझने और फैसले लेने के एक टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। यह रुझान खासकर युवाओं में ज्यादा दिख रहा है, जिनका पारंपरिक संस्थाओं और एक्सपर्ट्स पर भरोसा कम हुआ है। अनिश्चितता के दौर में ज्योतिष उनके लिए खुद को समझने और जीवन की उलझनें सुलझाने का माध्यम बन रहा है। अनुपात – 40 साल से कम उम्र के महिला-पुरुषों में समान दिलचस्पी अब तक आम धारणा थी कि राशिफल और ज्योतिष में महिलाओं की रुचि ज्यादा होती है, लेकिन यह बदल रहा है। सुसान मिलर के अनुभव और शिरी नॉय के शोध के मुताबिक, 40 साल से कम उम्र के पुरुषों में ज्योतिष का क्रेज तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार 39 साल या उससे कम उम्र में नियमित कुंडली देखने वालों में महिलाओं और पुरुषों का अनुपात लगभग 50-50 हो गया है। हालांकि 40 साल से ऊपर के लोगों में यह अंतर अब भी ज्यादा है। सेल्फ-हेल्प – आत्मविश्वास के साथ फैसला करने में मददगार शिरी नॉय के मुताबिक, ज्योतिष का जुड़ाव अब ‘सेल्फ-हेल्प’ के रूप में ज्यादा होने लगा है। अमेरिका में बड़े पैमाने पर लोग इसे आत्म-ज्ञान और खुद को समझने के लिए अपनाते हैं। कई लोग इसे थेरेपी जैसा भी मानते हैं, क्योंकि यह तनाव के समय सोचने और आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने में मदद करता है। भले ही लोग इसे पूरी तरह सटीक भविष्यवाणी न मानें, लेकिन वे इसे अपने व्यक्तित्व और रिश्तों को समझने का एक सुरक्षित और सुलभ तरीका मान रहे हैं।
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