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आलू–प्याज के दाम के साथ फुटकर महंगाई भी बढ़ी: लगातार तीसरे महीने RBI के अनुमान से ज्यादा रही, अगस्त में 4.82% पर पहुंची

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27 मिनट पहले

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आलू-प्याज समेत कई सब्जियों के दाम बढ़ने से अगस्त में फुटकर महंगाई दर भी बढ़ी है। यह लगातार आठवां महीना है, जब फुटकर (खुदरा) महंगाई दर बढ़ी है।

अगस्त में फुटकर महंगाई बढ़कर 4.82% हो गई। जुलाई में यह 4.45% थी।

सरकार ने 14 सितंबर को रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए है। इसके अनुसार खाने-पीने की चीजों की फुटकर महंगाई दर 5.95% रही।

रिजर्व बैंक ने रिटेल महंगाई दर का लक्ष्य 4% तय किया है। यह लगातार तीसरा महीना है जब रिटेल महंगाई आरबीआई के तय कम्फर्ट जोन 4% से ऊपर दर्ज की गई है।

आलू और प्याज महंगे हुए, चांदी के गहने सस्ते

सामान जुलाई में महंगाई दर अगस्त में महंगाई दर जुलाई के मुकाबले बदलाव
आलू -16.56% -13.14% +3.42%
टमाटर -4.59% -31.09% -26.50%
भिंडी -5.52% -5.41% +0.11%
अदरक +35.36% +73.82% +38.46%
प्याज +22.54% +48.27% +25.73%
सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने +32.98% +35.53% +2.55%
चांदी के गहने +109.84% +107.11% -2.78%

महंगाई के असर को प्याज के उदाहरण से समझें…

मान लीजिए आपके घर में हर महीने 10 किलो प्याज लगता है। सामान्य दिनों में इसका रेट 10 प्रति किलो रहता था। यानी महीने का बजट 100।

जुलाई के महीने में (+22.54%):

10 किलो प्याज का खर्च लगभग ₹123 पड़ा।

असर: ₹22.54 का थोड़ा असर पड़ा।

अगस्त के महीने में (+48.27%):

वहीं 10 किलो प्याज खरीदने के लिए आपको लगभग ₹148 देने पड़े।

जुलाई की तुलना में अंतर:

आपको जुलाई के मुकाबले जुलाई में ₹25 ज्यादा देने पड़े।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

4.82% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि जूलाई 2026 में महंगाई 4.82% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना अगस्त 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.82% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

  • किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे।
  • किसी चीज के दाम घटे भी होंगे।
  • जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.82% बढ़ गया।

2. ₹100 की चीज अब ₹104.82 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर अगस्त 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान अगस्त 2026 में ₹104.82 का हो गया है।

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