![]()
कुमार मंगलम बिड़ला आईपीएल में आरसीबी की खरीद को लेकर चर्चा में हैं। बिजनेस को लेकर उनके विचार, उन्हीं की जुबानी…
हम एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जो हाई-टेक के साथ हाई-टच भी है। यह समय सिर्फ टेक्नोलॉजी का नहीं, इंसानी जुड़ाव और समझ का भी है। आज हमारे बीच ऐसी शख्सियतों की कहानियां हैं, जिन्होंने इस नए दौर को समझा और उसमें अपने लिए रास्ता बनाया। उदाहरण के तौर पर, फाल्गुनी नायर ने अपने सफर में कई चुनौतियां देखीं। शुरुआत में करीब 50 निवेशकों ने उनके ऑनलाइन ब्यूटी बिजनेस के आइडिया को खारिज कर दिया था। लेकिन आज वही आइडिया एक नई पहचान बना चुका है। यह कहानी हमें बताती है कि जो लोग नए रास्ते बनाते हैं, वही बदलाव की पहचान बनते हैं। आपने यह उपलब्धि कठिन परिस्थितियों में हासिल की है। आपने एक ऐसे दौर को करीब से देखा है, जिसमें दुनिया तेजी से बदली है। आपने देखा कि तेल की कीमतें निगेटिव से 100 डॉलर तक पहुंचीं, वर्चुअल दुनिया में लाखों लोग एक साथ जुड़े। आपने एनएफटी और मेटावर्स जैसे नए कॉन्सेप्ट्स को उभरते देखा। यह बदलाव बताते हैं कि पुराने नियम टूट रहे हैं, नए बन रहे हैं। यह वक्त सामान्य नहीं है, एक अवसर है। दुनिया में आज पूंजी की उपलब्धता और तकनीक की पहुंच ने नए विचारों को हकीकत में बदलना आसान बनाया है। आज का समय प्रयोग करने और कुछ नया बनाने का है। लेकिन याद रखें कि शॉर्टकट से सफलता हासिल नहीं कर सकते। बड़े बिजनेस और करियर लगातार मेहनत, समझ और धैर्य से बनते हैं। आपको समस्याओं को गहराई से समझना होगा और उनके समाधान पर टिकना होगा।
अपने फैसलों में एनर्जी का महत्व समझें। अपने करियर और जीवन में ऐसे लोगों और काम को चुनें, जो आपको प्रेरित करें। उनके साथ रहें, जो आपके अंदर की अच्छाई बाहर लाते हैं। नेतृत्व लोगों को प्रेरित करने का काम है। इसके लिए तीन तरह की ऊर्जा जरूरी है… भावनात्मक, बौद्धिक और शारीरिक। भावनात्मक ऊर्जा दूसरों को प्रेरित करती है, बौद्धिक ऊर्जा सीखने से आती है और शारीरिक ऊर्जा खुद का ख्याल रखने से। जीवन में संतुलन बनाए रखें। सफलता और असफलता अस्थायी हैं। न तो सफलता से बहकें और न असफलता से टूटें। यही संतुलन आपके करियर को स्थिरता देगा। समाज को वापस देना सीखें। आपके पास जो ज्ञान, अवसर और संसाधन हैं, वह एक तरह से इस दुनिया का आप पर निवेश है। हर किसी को यह अवसर नहीं मिलता। इसलिए आपकी सफलता में समाज का भी हिस्सा है। नया बिजनेस बनाकर समाज को आगे बढ़ाएं
भारत में इस सोच को महात्मा गांधी ने ‘ट्रस्टीशिप’ के रूप में समझाया था कि बिजनेस सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं, समाज के लिए भी होना चाहिए। आज भी समाज में असमानता है। कई प्रतिभाशाली लोग ऐसे हैं, जिन्हें आपके जैसे अवसर नहीं मिले। आपके पास यह मौका है कि आप नए बिजनेस बनाकर और रोजगार पैदा करके समाज को आगे बढ़ाएं। डिग्री सिर्फ नौकरी पाने का साधन नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है।
(आईआईएम अहमदाबाद की 2022 की कन्वोकेशन सेरेमनी में)
Source link








