इंस्पायरिंग:  कॉन्फिडेंस के साथ कोई पैदा नहीं होता, इसे पाना होगा, यह स्किल हम सीखते हैं – प्रियंका चोपड़ा
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इंस्पायरिंग: कॉन्फिडेंस के साथ कोई पैदा नहीं होता, इसे पाना होगा, यह स्किल हम सीखते हैं – प्रियंका चोपड़ा

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11 घंटे पहले

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  • प्रियंका चोपड़ा को उनका नया प्रोजेक्ट ‘द सायकिल’चर्चा में ले आया है। हिन्दी फिल्मों से इंटरनेशनल स्टार बनने के सफर में जिन बातों ने प्रियंका की मदद की, उन्हीं की जुबानी…

आत्मविश्वास ही आपकी पहचान है। यह है तो आपको और किसी चीज की जरूरत नहीं। जिंदगी में आगे बढ़ने की असली चाबी आत्मविश्वास है। आप खुद पर भरोसा करते हैं, तो दुनिया भी आप पर भरोसा करेगी। मुझे नहीं लगता कि आत्मविश्वास कोई ऐसी चीज है, जो इंसान पैदा होते ही पा लेता है। यह एक स्किल है, जिसे सीखा जाता है। जब मैं बच्ची थी, तो मेरे अंदर बिल्कुल आत्मविश्वास नहीं था। मुझे खुद पर भरोसा नहीं था। एक ही बात जानती थी कि मैं बहुत मेहनत कर सकती हूं… और वही मैंने किया। धीरे-धीरे खुद को सिखाया कि आत्मविश्वासी कैसे बनना है। सबसे पहले मैंने खुद को स्वीकार करना शुरू किया। अपने आपको सबसे अच्छे रूप में ढालने की कोशिश की और फिर कहा, मैं ठीक हूं। मेरी कमियां भी ठीक हैं। कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता। सबके बुरे दिन आते हैं। कभी हम अच्छा महसूस करेंगे, कभी नहीं। ये नॉर्मल है। आजकल सोशल मीडिया के कारण प्रेशर ज्यादा है कि सबकुछ हमेशा परफेक्ट होना चाहिए। हमें परफेक्ट बोलना चाहिए, परफेक्ट दिखना चाहिए। लेकिन सच यह है कि हर कोई गलती करता है और ये ठीक है। अपनी गलतियों पर हंसना चाहिए। खुद को बहुत सीरियसली न लें और दूसरों की तारीफ पाने के लिए न जिएं। सबसे जरूरी है, आप खुद से खुश रहें। आप जैसे भी हैं, वैसे ही सबसे बेस्ट हैं। अगर आप थोड़े अटपटे हैं, चीजें गिरा देते हैं या थोड़े अस्त-व्यस्त हैं… तो भी कोई दिक्कत नहीं क्योंकि यही आपको स्पेशल बनाता है। दुनिया में जो दिक्कतें चल रही हैं, उसकी वजह यह है कि हर इंसान उसी तरह होगा जैसा हमने मान लिया है। लेकिन ऐसा नहीं है। दुनिया सीधी रेखा की तरह नहीं है। हम सब अलग-अलग हैं और यही नॉर्मल है। जब हम किसी जगह बैठते हैं, तो हमें एक जैसे लोग नहीं दिखते और यही तो इसकी खूबसूरती है। आखिर में हम सब इंसान हैं। ये धरती बहुत छोटी-सी जगह है इस बड़े-से यूनिवर्स में। तो, हमें अपने-आपको इतना बड़ा नहीं समझना चाहिए कि हम एक-दूसरे को कम या अधिक आंकें। इंसानियत ही असली चीज है। हमें दया और करुणा को फिर से जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए। खुद पर व दूसरों पर ज्यादा कठोर नहीं होना चाहिए।

आरामदायक जीवन जीने लायक नहीं है जिंदगी बहुत ज्यादा आराम वाली नहीं होनी चाहिए। जीवन सुरक्षित होगा, तो जीने लायक नहीं होगा। आपको रिस्क लेनी पड़ती है क्योंकि बिना रिस्क के आगे नहीं बढ़ सकते। कोई आपको मौका बनाकर नहीं देगा। वो आपको खुद बनाना होता है। मैं हमेशा कहती हूं… जीवन में रिस्क लेनी जरूरी है।

असफल होना भी जिंदगी का हिस्सा है मेरी जिंदगी में कई बार असफलता आई है, लेकिन मैं रुकती नहीं। फेल होना जिंदगी का हिस्सा है। सवाल ये है कि उसके बाद आप क्या करते हैं, यही आपको असली इंसान बनाता है। हम अक्सर सपने देखने से डरते हैं। क्योंकि हमें बदलाव से डर लगता है… लेकिन बदलाव ही जिंदगी की सच्चाई है। (तमाम मंचों पर…)



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