27 मिनट पहले
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हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज 63 की उम्र में ‘गवर्नर्स अवॉर्ड्स’(मानद ऑस्कर) से सम्मानित हुए हैं। उनके इतने लंबे सफर की खास बातें… जब मैंने फिल्मों में कदम रखा, तो मेरे लिए यह कभी ऐसा नहीं था कि ‘चलो एक फिल्म बना लेते हैं’। मेरे लिए फिल्में हमेशा खोज से भरा सफर रही हैं। दुनिया की, किरदारों की, इंसानी भावनाओं की और सबसे अधिक, अपने अंदर छिपी संभावनाओं की खोज का जरिया रही हैं। मैं हमेशा जानना चाहता था कि कैमरा आखिर कैसे कहानियां सुनाता है? रोशनी कैसे किसी पल को जादू में बदल देती है? कलाकार अपने अंदर की सच्चाई स्क्रीन पर कैसे उतारता है? मैं कभी फिल्म स्कूल नहीं गया, यह सच है। मेरे लिए हर सेट फिल्म स्कूल था। मैं हर शूटिंग के दौरान घंटों कैमरा ऑपरेटरों को देखता था। उनसे सवाल पूछता था कि कौन-सा लेंस क्यों, कौन-सी मूवमेंट कब और कैसी रोशनी से फ्रेम जिंदा होती है। प्रोडक्शन टीम को देखता। स्टंट टीम को, एडिटिंग टीम के साथ काम करता… क्योंकि मैं मानता हूं कि हर फिल्म टीम की सामूहिक मेहनत से बनती है, एक व्यक्ति के टैलेंट से नहीं। बचपन में कमरे की दीवार पर अपने सपनों को लिखकर चिपकाता था। खुद को रोज याद दिलाता था कि अगर अपनी जिंदगी का रास्ता बनाना है, तो उसमें पूरी जान झोंकनी होगी। मेरे पिता की बदलती नौकरियों के कारण हम जगह-जगह घूमते थे। मैंने एक चीज बहुत जल्दी सीख ली थी कि अगर आप खुद पर विश्वास रखेंगे, तो दुनिया की कोई अस्थिरता आपको रोक नहीं सकती। जब फिल्मों में आया, तो मैंने खुद से वादा किया कि सिर्फ वही कहानियां करूंगा जिनमें अपना दिल लगा सकूं। सिर्फ वही सीन शूट करूंगा जिनमें सच्चाई झलके। कुछ ठीक न लगे, तो उसे करने से पीछे हटूंगा। क्योंकि मेरे लिए सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं है। यह इंसान और इंसान के बीच की सबसे शुद्ध बातचीत है। एक अच्छी फिल्म आपको हंसाती है, रुलाती है, हिलाती है… लेकिन सबसे खास तो यह है कि वो आपको बदल सकती है। मेरे करियर में कई जोखिम आए, लगा यह फिल्म नहीं चलेगी, यह फैसला गलत है। लेकिन अंदर आवाज उठती थी कि आसान होता, तो कोई मतलब नहीं होता। सफलता का स्वाद तभी गहरा है जब आपने उसके लिए संघर्ष किया हो, असफलताओं को झेला हो, फिर भी अपने सपने से हाथ न हटाया हो। अपने सपनों को हल्के में मत लें। आपकी कहानी मायने रखती है। आपके सपने मायने रखते हैं। हर दिन नया सीखें। खुद को धकेलें, असुविधा में जाएं। जिंदगी गुजारें नहीं, जीएं। जो बनना चाहते हैं, वही बनें। जो सपने देखते हैं, उन्हें साकार करें। अंत में दुनिया वही देखती है जो आप करके दिखाते हैं। आपका जुनून आपके डर से बड़ा होना चाहिए ‘मिशन इम्पॉसिबल’ में मैंने खतरनाक सीक्वेंस किए… इसलिए नहीं कि मैं दिखाना चाहता था कि मैं कितना बहादुर हूं, बल्कि इसलिए कि मैं देखने वालों को यह महसूस कराना चाहता था कि अगर आप किसी चीज को सच्चे मन से करने की ठान लेते हैं, तो डर अपनी ताकत खो देता है। मैं आज भी यही मानता हूं कि आपके जुनून को आपके डर से बड़ा होना चाहिए।








