10 घंटे पहले
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- एक्टर/सिंगर सेलेना गोमेज हाल ही में ट्रम्प की इमिग्रैशन-नीति का विरोध करके चर्चाओं आईं। कम उम्र से वे काम कर रही हैं, मानसिक परेशानियों से भी वे लड़ी। कैसे ताकत हासिल करती हैं वे लगातार आगे बढ़ने के लिए, उन्हीं की जुबानी…
जब मैं बच्ची थी, तो मुझे तूफानों से बहुत डर लगता था। मैं टेक्सास में रहती थी। मुझे लगता था कि गरज और बिजली का मतलब है कि “तूफान’ आ सकता है। मेरी मां ने मुझे छोटे बच्चों के लिए लिखी किताबें दीं जिनमें बारिश और मौसम की जानकारी थी। उन्होंने कहा, “जितना ज्यादा तुम इसके बारे में जानोगी, उतना ही तुम्हारा डर कम होगा।’ यह सोच काम आई। बचपन में मैं समझती थी कि भावुक होना कमजोरी है। लेकिन अब एहसास हुआ कि असल में यही ताकत है। जब मैं अपनी कहानी साझा करती हूं या किसी दोस्त के लिए मौजूद रहती हूं, तब सबसे ज्यादा मजबूत महसूस करती हूं। अब यह सीखना है कि कैसे कुछ चीजों के पीछे की जानकारी हर डर को कम करती है। जब मैं जीवन के इन कठिन क्षणों का सामना करती हूं, तो लगता है कि इससे दूसरों की मदद करना संभव है। मैं उन लोगों से मिल सकती हूं, जो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहे हैं, जिनका दिल टूट गया है, जिनके परिवार बिखर गए हैं, या जो अपने देश में रहने के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। मैं बच्चों से बात कर सकती हूं जो ऐसी चीजों का सामना कर रहे हैं, जो उनकी उम्र के लिए सही नहीं हैं। मैं ऐसी दुनिया देखना चाहती हूं, जहां पर कोई 11 साल का बच्चा सोशल मीडिया पर बुलीइंग की वजह से आत्महत्या करने के बारे में न सोचे। मेरी इच्छा है दूसरों के जीवन में सकारात्मक रूप से कोई बदलाव लाना। मैं पांच साल तक कोई रिलेशनशिप में नहीं रही, अकेली रही और उस अकेलेपन की आदत डाल ली। बहुत-से लोग अकेले रहने से डरते हैं। मैं भी शायद शुरू में मानसिक रूप से परेशान थी, लेकिन फिर मैंने इसे स्वीकार कर लिया। उसके बाद मैंने तय किया कि अगर मैं 35 की उम्र तक किसी से नहीं मिली, तो बच्चा गोद लूंगी। जीवन के दर्द में मैंने ताकत ढूंढ ली। नकारात्मकता में फंसना खतरनाक होता है। मैंने अपनी जिंदगी के कई साल दूसरों जैसा दिखने की कोशिश में बर्बाद किए। मैं चाहती हूं हम सभी एक-दूसरे से तुलना करना बंद करें। यह महत्वपूर्ण है। आप अकेले नहीं हैं। जो चीज आपको अलग बनाती है, वही खूबसूरत बनाती है। याद रखें कि आप खुद में पर्याप्त हैं। आपको पहले अपनी परवाह करना है। आप अच्छे रहेंगे तो ही दूसरों के काम आएंगे।
परफेक्ट होने से बेहतर है कमजोरियां साझा करना मुझे हमेशा लगता था कि मुझे हर चीज में परफेक्ट होना चाहिए। लेकिन जब मैंने अपनी कमजोरियों को साझा किया, तो इसने लोगों की कहीं अधिक मदद की, बजाय इसके कि मैं खुद को परफेक्ट दिखाने की कोशिश करती। मेरा यह मानना है कि जितना ज्यादा लोग खुलेंगे, उतना ही हम मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी धारणाओं को तोड़ पाएंगे। मुझे लगता है कि मेंटल हेल्थ अवेयरनेस स्कूलों में भी सिखाई जानी चाहिए। हमें इससे जुड़ी शर्म और झिझक को तुरंत ही खत्म करना होगा। यह जरूरी है कि हम इन मुद्दों पर बात करें और लोगों को संसाधन दें ताकि उन्हें यह पता चले कि वे अकेले नहीं हैं। (विभिन्न इंटरव्यूज में एक्टर-सिंगर सेलेना गोमेज)








