6 घंटे पहले
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- एक्टर-डायरेक्टर जैकी चैन को हाल ही में लोकार्नो में करियर अचीवमेंट अवार्ड के लिए चुना गया है, उनसे लंबे और चमकीले सफर की अच्छी बातें…
आज भी जब कैमरा ऑन होता है, तो दिमाग में कुछ नहीं आता। स्टंट के दौरान मेरा दिल तेज धड़कता है, इसलिए मैं जोर से चिल्लाता हूं- ‘एक्शन!’ ताकि दिमाग बंद हो जाए। जब मैंने ‘पुलिस स्टोरी’ के आखिरी सीन में सातवीं मंजिल से छलांग लगाई थी, तब मुझे कुछ भी साफ नहीं दिख रहा था। बस एक लाइट का सहारा था, हाथ अकड़ गए थे और मैंने चिल्ला कर कहा- ‘एक्शन!’ और स्लाइड कर गया। कोई ऊपर ज्यादा देर खड़ा रहे, तो वह कूद नहीं पाता। डरेंगे तो काम नहीं कर पाएंगे। ‘प्रोजेक्ट ए’ में मैं सात दिन तक कूद नहीं पाया क्योंकि नीचे जमीन देख रहा था। मैं सोचता था कि मेरी पोजिशन ठीक है या नहीं, अगर थोड़ा भी आगे हो गया तो पैर फिर टूट जाएगा। मैं लाइट का भी ध्यान रखता, अगर बादल होते तो शूट अगले दिन के लिए टालता। आखिर में दबाव आया कि जल्दी शूट करो। फिर मैं ऊपर गया और जैसे ही कैमरा चालू हुआ, मैंने सोचना बंद कर दिया। बाकी फिल्मों में भी यही तरीका अपनाया। मैंने सभी से कहा कि लोकेशन पर पूरा दिन मत रहो, वरना दिमाग सोचता है। जाओ और शूट करो। कई दफा आपको काम में कूदना पड़ता है, बिना सोचे शुरू करना पड़ता है। शुरू करना जरूरी है, दिमाग आपको डराए… यह मौका उससे छीनना ही होगा। पिछले सालों में मैं काफी बदला हूं। जो लोग मुझसे पहले थे, मेरे साथ थे या मेरे बाद आए… उनमें से कितने असली एक्शन स्टार बचे हैं? मैंने जल्दी समझ लिया था कि सिर्फ एक्शन स्टार बनकर नहीं चलेगा, मुझे अभिनेता बनना होगा। इसलिए मैंने ‘लिटिल बिग सोल्जर’, ‘द कराटे किड’ और ‘द फॉरेनर’ जैसी फिल्में कीं, ताकि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को साबित कर सकूं कि मैं सिर्फ एक्शन नहीं, एक्टिंग भी कर सकता हूं। एक्शन हीरो का करियर छोटा होता है। मेरी उम्र में मैं अब एक्शन स्टार नहीं हूं। अब मुझे कोई बड़ा हीरो नहीं बनना, सादा स्टंटमैन भी बन सकता हूं। नियम जरूरी हैं, बदलाव आवश्यक है, लेकिन सख्ती की जरूरत नहीं। मैंने एक बार कमाल की बात सुनी थी… जिस मुश्किल काम को लेकर आप शिकायत करते हैं, वह किसी बेरोजगार का सपना है। जो शरारती बच्चा सहनशक्ति की परीक्षा लेता है, वह किसी निःसंतान व्यक्ति का सपना है। इसलिए हर उस काम की कद्र करें जो मिला है।
जिंदगी हमें गिराएगी, लेकिन उठना हमारा फैसला है… – सबसे अच्छी लड़ाइयां वे होती हैं जिन्हें हम अक्सर टाल देते हैं। – शांत रहना और कुछ न करना… ये दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं। – बड़ी सफलता हमेशा ही असफलता, निराशा और यहां तक कि तबाही पर खड़ी होती है। – मैं सबसे बुरे के लिए तैयार रहता हूं, लेकिन सबसे अच्छे की उम्मीद करता हूं। – परिस्थितियों को कभी भी अपने ऊपर हावी मत होने दें, ये किसी और के बस की बात नहीं है। आप खुद ही अपनी परिस्थितियां बदल सकते हैं। – मैं कभी अगला ब्रूस ली नहीं बनना चाहता था। मैं बस जैकी चैन बने रहना चाहता था। (तमाम इंटरव्यूज में जैकी चैन)








