एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या हम वयस्कों को यह नई भाषा सीखनी चाहिए?
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: क्या हम वयस्कों को यह नई भाषा सीखनी चाहिए?

Spread the love


6 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

इस भाषा का उपयोग अधिकतर युवा करते हैं, खासकर वयस्क युवा और हाई स्कूल के छात्र। माना जाता है 92% से अधिक मोबाइल यूजर्स इस भाषा को टेक्स्ट, ईमेल, सोशल मीडिया और वर्चुअल मीटिंग्स में इस्तेमाल करते हैं। हर दिन दुनिया भर में इस भाषा के अनुमानत: दस अरब अक्षर भेजे जाते हैं।

अगले दो महीनों में इस भाषा का शब्दकोश (किसी भाषा विशेष में उपयोग होने वाले सभी शब्द और वाक्यांश) 3,954 तक होने की उम्मीद है- जो संभवत: चीनी और जापानी भाषा के बाद सबसे बड़ा शब्दकोश है। चीनी भाषा में 60 हजार अक्षर हैं और जापानी- जिसमें अक्षरों के तीन प्रमुख सेट प्रयुक्त होते हैं- हिरागाना, कटाकाना और कांजी- में कुल अक्षर 50 हजार हैं। भारत में तमिल में स्वर, व्यंजन और एक विशेष अक्षर समेत 247 शब्द हैं। चौथी सबसे बड़ी भाषा कम्बोडिया की खमेर है, जिसमें व्यंजन, स्वर और स्वतंत्र स्वर समेत 74 शब्दों की वर्णमाला है।

युवाओं में लोकप्रिय ‘इमोजी’ नाम की यह भाषा जापानी के दो शब्दों से बनी है। ‘ई’ का अर्थ है चित्र और ‘मोजी’ का अर्थ है अक्षर। इमोजी एक प्रकार के डिजिटल पिक्टोग्राम हैं, क्योंकि ये टेक्स्ट और इलेक्ट्रॉनिक मैसेज में काम आने वाली चीजों और विचारों के छोटे, चित्रात्मक निरूपण होते हैं।

इसके पहले 176 अक्षर एक मोबाइल कंपनी के लिए प्रकाशित किए गए थे, ताकि यूजर्स अपने संदेशों में भावनात्मक संदर्भ जोड़ सकें। इसने लोगों को नकारात्मक मैसेज के साथ एक हार्ट इमोजी जोड़ कर प्राप्तकर्ता से इस संदेश की सकारात्मक व्याख्या करवाने में मदद की।

मूल सेट में चेहरे के केवल पांच भाव थे- जिनमें खुशी, गुस्सा, उदासी, आश्चर्य और चकराने के डिजाइन थे। एक दशक पहले 2010 में दुनिया के दूसरे हिस्सों में इमोजी का चलन तब शुरू हुआ, जब स्मार्टफोन के उपयोग में बढ़ोतरी के साथ आईफोन और एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम ने लगभग 722 इमोजी को आधिकारिक तौर पर अपनाया। 2015 में खुशी के दो आंसू वाले एक चेहरे को ‘ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी वर्ड ऑफ द ईयर’ के तौर पर नामित किया गया।

धीरे-धीरे यह वैश्विक भाषा बन गई और इसने क्षेत्रीय खान-पान समेत कई दूसरे क्षेत्रों में सांस्कृतिक विवादों को भी जन्म दिया। शुरुआत में यह पिज्जा स्लाइस और सुशी तक सीमित था। लेकिन अमेरिकी फास्ट-फूड चेन टाको बेल की लॉबिंग के बाद इमोजियों ने टाको को भी अपना लिया गया।

इन प्रतीकों को अब रंगों के साथ नए अर्थ में प्रकट करने का चलन शुरू हुआ है, जैसे पर्पल हार्ट इमोजी। 2016 में जब से ‘के-पॉप’ संगीत समूह के एक सदस्य ने ‘आई पर्पल यू’ वाक्यांश गढ़ा, तभी से ये उसके प्रशंसकों में लोकप्रिय हो गया। यह वाक्यांश प्यार और वफादारी का प्रतीक था।

इमोजी यूं तो सभी आयु वर्गों में लोकप्रिय हैं, लेकिन खासतौर पर ‘जेन ज़ी’ इसे संचार के प्रमुख टूल के तौर पर उपयोग करते हैं। डिजिटल दुनिया में इमोजी गैर-मौखिक संवाद में काम लिए जाते हैं। खासकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर हर कोई इन्हें अपने संदेशों में शामिल कर रहा है।

इस सप्ताह एक कॉलेज में इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान कॉलेज के छात्रों के साथ बैठकर मुझे अहसास हुआ कि मैं 20 शब्दों के एक वाक्य में उन 10 इमोजी को समझ नहीं पाया। हां, उस वाक्य में शब्दों और इमोजी की संख्या बराबर थी। इससे मुझे मार्च 2025 में नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर किए गए लोकप्रिय शो ‘एडोलसेंस’ की याद आ गई।

इसमें एक किशोर लड़के की कहानी है, जो अपनी सहपाठी लड़की की हत्या के आरोप में गिरफ्तार होने से पहले गुप्त रूप से इमोजी का उपयोग करता है। मसलन, एक स्नोफ्लेक, 8-बॉल या स्नोमैन की इमोजी कोकीन का प्रतीक हो सकती है। जबकि एक पेड़, पत्ता, या शाखा मारिजुआना का संकेत हो सकता है।

फंडा यह है कि आज की दुनिया में कॉलेज छात्रों की बातचीत में मोबाइल फोन और इमोजी छाए हुए हैं। ऐसे में, कुछ मामलों में इमोजी और संक्षिप्त नामों का उपयोग उनमें खतरनाक व्यवहार भी पैदा कर सकता है। इसलिए इमोजी के बारे में बेहतर जानकारी हमारे लिए भी मददगार होगी, ताकि हम ‘जेन-ज़ी’ को बेहतर जीवन के लिए सहायता कर सकें।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *