एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चों के लिए ऐसे खिलौने चुनें, जो तुरंत फेंक न दिए जाएं
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एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों के लिए ऐसे खिलौने चुनें, जो तुरंत फेंक न दिए जाएं

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8 घंटे पहले

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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

मुझे पता है, आप क्या सोच रहे हैं? दरअसल, ये कहना आसान है और करना मुश्किल। खासकर तब जब कोई व्यक्ति ट्रेन की बोगी में कई सारी गेंदें और गुड़िया लटकाए घूम रहा है और बार-बार आकर कह रहा है कि कौन मुन्ना रो रहा है?

मैं उसे दो सेकंड में खुश कर दूंगा और वह एक रबर की पारदर्शी गेंद रेलवे बर्थ के बीच फेंकता है और गेंद अचानक कई रंगों में चमकने लगती है। और बच्चा कहता है कि ‘मुझे वो बॉल चाहिए।’ बच्चे को समझाने की कोशिश करें कि यह 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेगी तो सेल्समैन आप पर टूट पड़ता है कि सर, मैं गारंटी देता हूं कि मुन्ना आपकी वापसी की यात्रा में भी इसी से खेलेगा।

मैं हमेशा इसी ट्रेन में रहता हूं। अगली गर्मियों में भी यदि ये गेंद काम नहीं करे आप आकर इसे वापस कर सकते हो। मैं बिना कोई सवाल पूछे इसे बदल दूंगा।’ इस बीच आप देखेंगे कि बच्चा पहले ही बॉल से खेलने लग गया है और उसे दूसरी बर्थों पर लुढ़काने लगा है।

आपके पास इसे खरीदने के अलावा कोई चारा नहीं रहता। और ऐसी खरीदारी कर चुके आपमें से अधिकांश लोग मुझसे सहमत होंगे कि ऐसी गेंदें एक यात्रा में भी नहीं चल पाती। या तो बच्चा इसे खो देता है या फिर गेंद की वो चमकीली लाइटें बंद हो जाती है, जो फर्श पर मारने के बाद बच्चे को आकर्षित करती थीं।

ज्यादातर दूसरा वाला कारण अधिक सामान्य है। अब यह बॉल आपके बैग में रखी हुई एसी कार से घर वापसी की यात्रा कर रही है। और घर पर ये बॉल या तो भुला दी गई है या किसी कोने में अव्यवस्थित सी पड़ी है और कुछ समय बाद कूड़ेदान में चली जाती है!

अगर आपके घर में बच्चे हैं तो मुझसे यह मत कहिएगा कि आपके घर में ऐसा कुछ नहीं हुआ। यही कारण है कि मैंने इस हैडलाइन के साथ शुरूआत की थी कि बच्चों के लिए ऐसे खिलौने चुनें, जो तुरंत फेंक न दिए जाएं। उपहार विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि कैसे उपयोगिता, बच्चे के विकास और खुशी को प्राथमिकता दी जाए। वे ऐसे गिफ्ट की सलाह देते हैं, जो खेल और रचनात्मकता को बढ़ावा दे और प्लास्टिक से बचने की राय देते हैं। यहां उम्र के अनुसार कुछ सुझाव पेश हैं।

4 वर्ष उम्र वालों के लिए: हिसार में एक स्कूल चलाने वाले मेरे दोस्त हरिपाल पिलानिया ने मुझे लकड़ी के क्यूब्स दिए, जिनसे बच्चे रूबिक क्यूब बना सकते हैं। यकीन मानें, यह गेम आज भी मेरे घर पर 10 साल से है और जो बच्चे मेरे घर आते हैं, बिना थके इससे खेले हैं, चाहे फिर वह 10 साल के हों।

6 वर्ष उम्र वालों के लिए: कैट एंड रैट थीम वाले कार्ड गेम। मैंने इसे अमेरिका से खरीदा था। बच्चे ताश खेलने वाले बड़ों की नकल पसंद करते हैं। अकेली बिल्ली किसी चूहे पर भारी पड़ जाए या चूहों का एक समूह बिल्ली को घेर ले, यह वाकई मजेदार खेल है। यहां तक कि हमारी उम्र के लोग भी इसे खेल सकते हैं। मुझे बताओ कि ‘ रैट-ए-टैट कैट’ जैसे गेम खेलने का किसका मन नहीं करेगा?

8 वर्ष उम्र वालों के लिए: कई सारे ऐसे कलरफुल जर्नल्स हैं, जो प्रश्नों से भरे होते हैं, उनमें इलस्ट्रेशन और ड्रॉइंग के लिए संकेत होते हैं- उदाहरण के लिए ‘यदि मेरे पास एक रोबोट होता तो मैं इसे प्रोग्राम करने के लिए कहता… (ऐसी चीजें मेरे दिमाग में है)

10 वर्ष उम्र वालों के लिए: नए बेकर्स और उत्सुक कुक्स के लिए शेफ इन ट्रेनिंग एक गेम है। इसमें मिनी व्हिस्क, स्पेचुला, नापने वाला कप और कई सारी चीजें होती हैं। यह उन्हें अंडे फेंटने और सलाद सजाने जैसे कुछ काम सीखने में मदद करता है।

फंडा यह है कि अलग-अलग उम्र के लिए ऐसा सही उपहार चुनना, जिसे वे संभाल कर रखें और ये आसान काम नहीं है। सबसे पहले हमें खुद को रचनात्मक होना पड़ेगा और उससे अधिक उपयोगिता के बारे में सोचना होगा कि वह गिफ्ट उसे बोर ना करे। यदि आपके पास कुछ सुझाव हैं, तो शेयर करें, ताकि मैं सभी पाठकों को इस बारे में बता सकूं।

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