एन. रघुरामन का कॉलम:  यदि सलीके से गिफ्ट रैप नहीं कर सकते तो इसमें अपना प्यार लपेट दें
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एन. रघुरामन का कॉलम: यदि सलीके से गिफ्ट रैप नहीं कर सकते तो इसमें अपना प्यार लपेट दें

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6 घंटे पहले

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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Dainik Bhaskar

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

गिफ्ट रैप करने की चुनौती ज्यादातर लोगों के लिए दीपावली से शुरू होती है और शादी के सीजन तक चलती है। बीच-बीच में जन्मदिन, एनिवर्सरी, क्रिसमस और न्यू ईयर जैसे सेलिब्रेशन हमें गिफ्ट रैपिंग में व्यस्त रखते हैं। मैंने लोगों को चार मीटर लंबे रैपिंग पेपर रोल से जूझते देखा है।

कई बार टेप डिस्पेंसर अटक जाता है। कभी कागज सेलोटेप से चिपककर बदसूरत निशान छोड़ देता है। फिर निशान छिपाने के लिए हमें पेपर कैरी बैग ढूंढ़ना पड़ता है, ताकि तोहफा उसमें रख सकें। मेरे लिए तो रैपिंग हमेशा झंझट ही रही है।फिर ऐसी दुकानें आईं, जो झटपट गिफ्ट रैप कर देती हैं। लेकिन वहां रैपिंग का खर्च काफी ज्यादा होता है।

वह ऐसा नीट लुक भी नहीं दे पाती, जो विज्ञापनों या टीवी पर गिफ्ट्स में दिखता है। अगर आपको घर की शादी में सैकड़ों लोगों के लिए गिफ्ट्स रैप करने हों तो आपको यह हुनर सीखना चाहिए।सच कहूं तो मुझे सलीके से रैप हुआ गिफ्ट पसंद है। मैं उसे खोलने से पहले तस्वीर तक लेता हूं। इसी ने मुझे रैपिंग क्लास के बारे में ऑनलाइन सर्च के लिए मजबूर किया, जहां मुझे यूके की लुईस लेविस के बारे में पता चला।

वह एक दिन की मास्टरक्लास के लिए 150 यूके पाउंड, यानी 121.40 रुपए प्रति पाउंड के हिसाब से 18209.57 रुपए लेती हैं। टिकटॉक पर उनके स्टफ्ड टॉय पर रैपिंग करते एक वीडियो के तो 1.05 लाख व्यूज हैं। चूंकि मैं इतनी महंगी क्लास अफोर्ड नहीं कर सकता, इसलिए मैं यह जानने के लिए मजबूर हुआ कि वे और उनके जैसे लोग रैपिंग के बारे में क्या सिखाते हैं- एक ऐसा काम, जिस पर ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते।

मेरे कुछ निष्कर्ष यहां पेश हैं।पहला नियम ये कि कोई नियम ही नहीं है। दूसरा यह कि बिना गलती किए रैपिंग के कुछ टॉप टिप्स हैं, जिनमें से कुछ ये हैं-1. जहां तक संभव हो, ग्लॉसी पेपर की बजाय मैट पेपर इस्तेमाल करें, क्योंकि यह कम फटता है। कागज काटने के लिए रसोई वाली कैंची लें, नाखून या मूंछ काटने वाली नहीं।2. रोल्स के बजाय शीट्स बेहतर हैं। ऐसा पैटर्न चुनें, जिसमें इसे सीधी लाइन में काटा जा सके।

फ्लॉवर पैटर्न में फूल यदि आधा कटा तो लुक खराब हो जाता है।3. कागज हमेशा सलीके से मोड़ें, ताकि जहां किनारे मिलते हैं, वहां कोई जोड़ ना दिखे। मकसद यह है कि ओवरलैपिंग ना हो। सलीके का जोड़ नंगी आंखों से लगभग नजर नहीं आता।4. हमेशा डबल-एज्ड सेलोटेप इस्तेमाल करें, ताकि टेप की गंदी लाइनें न दिखें।5. गिफ्ट बैग्स स्वीकार्य हैं। लेकिन तभी, जब वे हाथ से बने हों और उन पर बचे-खुचे कागज के टुकड़ों से सजावट की गई हो।

आप सोच सकते हैं कि रैपिंग में दिलचस्पी इतनी क्यों बढ़ रही है? क्योंकि गिफ्ट्स की कीमत बढ़ती जा रही है। लोग चाहते हैं कि रैपिंग ऐसी हो, जो गिफ्ट के महंगे प्राइज टैग के साथ न्याय करे। गिफ्ट रैपिंग कला की शुरुआत पूर्व से हुई थी। पेपर फोल्डिंग के उस्ताद रहे जापानी लोग अब फुरोशिकी जैसी तकनीक अपना रहे हैं, जिसमें कपड़ों का इस्तेमाल होता है।

फुरोशिकी रैपिंग के अलग-अलग तरीकों के फ्री वीडियो आसानी से ऑनलाइन मिल जाते हैं।कपड़ों के बदलते फैशन की तरह रैपिंग का भी सालाना फैशन होता है। 2025-26 में रैपर के ऊपर लगने वाले रिबन बहुत बड़े हो गए हैं। साड़ी-ब्लाउज या पैंट और ट्राउजर की तरह रंगीन रिबन्स को कम्बाइन करना इस साल का नया ट्रेंड है।

गिफ्ट के ऊपर रिबन ऐसे लगना चाहिए, मानो वह मुस्करा रहा हो और रिसीवर को आमंत्रित कर रहा हो। बिस्किट टिन को क्रिसमस ट्री के साथ रैप किया जा सकता है, ताकि उसके किनारे सॉफ्ट बन जाएं और बच्चों को भी लगे कि सांता क्लॉज आसपास ही हैं।फंडा यह है कि अगर ऐसा लगे कि आपकी पैकिंग ऊबड़-खाबड़ है और वीडियो जैसी नहीं दिख रही तो चिंता मत कीजिए। उसी रैपर पर बोल्ड अक्षरों में लिखिए- ‘रैप्ड विद लव।’ और देखिए, यह कैसे गिफ्ट पाने वाले के चेहरे पर मुस्कान लाता है।

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