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एवेरेस्ट हींग की बिक्री पर FSSAI की रोक: वजह- गलत ब्रांडिंग और खराब क्वालिटी; 3 मसालों में गड़बड़ी, पैक्ड फूड पर रेड लेबल का प्रस्ताव

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एवेरेस्ट हींग की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। प्रोडक्ट के मिसब्रांडेड और सबस्टैंडर्ड यानी घटिया गुणवत्ता पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक कंपनी तय फूड सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करती।

इसके अलावा, लालजी गोढू हींग की बिक्री पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है और कंपनी को चेतावनी जारी की गई है।

एवेरेस्ट के 3 अन्य मसालों में गड़बड़ी, नहीं लगा बैन

FSSAI की जांच में एवेरेस्ट के तीन अन्य प्रमुख उत्पादों- एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला भी नियमों का पालन नहीं करते पाए गए। हालांकि, इन तीनों मसालों की बिक्री पर बैन नहीं लगाया गया है।

3 पॉइंट्स में समझें सुप्रीम कोर्ट में FSSAI का नया प्रस्ताव

  • लाल रंग का हेक्सागोनल सिंबल: FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने पैक्ड फूड्स के लिए पैकेट के फ्रंट में एक नया ‘वार्निंग लेबल’ लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह चमकीला लाल रंग का हेक्सागोनल सिंबल होगा।
  • इन सामानों की होगी पहचान: यह लाल सिंबल उन प्रोडक्ट्स की पहचान करेगा जिनमें चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट की मात्रा तय सीमा से ज्यादा होगी।
  • सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कदम: यह प्रस्ताव जस्टिस जेबी पारदीवाला की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने FSSAI और सरकार को फ्रंट-ऑफ-पैक वार्निंग लेबल लागू करने में हो रही देरी पर फटकार लगाने के कुछ ही दिनों बाद जमा किया है।

इंडस्ट्री में विरोध: कोका-कोला, नेस्ले और पेप्सीको को आपत्ति

प्रस्तावित नियमों के कुछ पहलुओं पर फूड इंडस्ट्री ने चिंता जताई है। कोका-कोला के अलावा नेस्ले और पेप्सीको का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों ने इन कड़े उपायों का विरोध किया है।

निर्माताओं को जिम्मेदारी का अहसास कराने की अपील

दूसरी तरफ, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने खाद्य कारोबारियों से केवल सरकारी नियमों के पालन तक सीमित न रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कंपनियों को उपभोक्ताओं के प्रति ज्यादा जिम्मेदार और सतर्क बनने की सलाह दी है।

क्या होता है ‘मिसब्रांडेड’ और ‘सबस्टैंडर्ड’ फूड?

  • मिसब्रांडेड: जब किसी प्रोडक्ट के लेबल पर दी गई जानकारी गलत, भ्रामक होती है या वह FSSAI के तय मानकों के अनुसार पैकेजिंग पर डिटेल (जैसे न्यूट्रिशन मान, कंटेंट) सही से नहीं छापता।
  • सबस्टैंडर्ड: जब कोई फूड प्रोडक्ट FSSAI के तय की गई मिनिमम क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने में विफल रहता है, हालांकि वह सेहत के लिए सीधा जहरीला या असुरक्षित न भी हो, लेकिन उसकी क्वालिटी घटिया होती है।

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खाने-पीने के किसी पैक सामान में अगर नमक-शकर या सैचुरेटेड फैट की मात्रा लिमिट से ज्यादा हुई तो पैकेट पर षटकोण लाल निशान होगा। चेतावनी भी लिखी होगी।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में पेश किया है। इसका मकसद ऐसे फूड आइटम को लेकर लोगों को सावधान करना है। पूरी खबर पढ़ें…

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