ऑस्ट्रेलिया से 15 भारतीयों को डिपोर्ट किया जा रहा है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि इनमें 11 पंजाबी हैं, जिसमें एक महिला भी शामिल है। वह रात में दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि वह उन्हें दिल्ली से रिसीव करने जा रहे हैं।
.
सीएम ने कहा कि अब तक जो सूची मिली है, उसमें केवल होम स्टेट पंजाब लिखा हुआ है। कुल 15 लोगों की सूची है, जिनमें 2 तेलंगाना, 1 हरियाणा और 1 उत्तराखंड के रहने वाले हैं।
सीएम ने कहा जब से ट्रंप जहाज भेजा अमेरिका से डिपोर्टेशन शुरू हुआ था। उस समय से हम अपनी तरफ से उनके पुनर्वास में लगे हुए हैं। सीएम ने कहा जो लोग आ रहे हैं, इन्होंने डिपोर्टेशन का दुख सहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में हम इनसे सारी जानकारी हासिल करेंगे। कैसे उनके पेपर लगे, किन लोगों ने इन्हे विदेश भेजा है। इन सब चीजों की जांच की जाएगी। विदेश मंत्रालय से संपर्क करना पड़ा तो करेंगे। लेकिन इस मामले की तह तक जाएंगे।

अमृतसर एयरपोर्ट से पंजाब के लोगों को पुलिस की गाड़ियों में घर भेजा गया। इस दौरान मीडिया के कैमरे के आगे उन्होंने मुंह छुपा लिए। हरियाणा पुलिस भी वैन में लोगों को उनके घर लाई। यह फोटो एक साल पुराना है।
सीएम मान की बड़ी बातें…
- लोगों ने डिपोर्टेशन का दुख झेला: सीएम भगवंत मान ने कहा कि जब से अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के समय डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हुई, तब से पंजाब सरकार अपने स्तर पर लोगों के पुनर्वास में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि जो लोग वापस आ रहे हैं, उन्होंने डिपोर्टेशन का दुख झेला है। उनसे पूरी जानकारी ली जाएगी- उनके कागज़ कैसे बने और किन लोगों ने उन्हें विदेश भेजा। इस मामले की गहराई से जांच होगी और जरूरत पड़ी तो विदेश मंत्रालय से भी संपर्क किया जाएगा।
- इन लोगों पर वहां आपराधिक मामले भी दर्ज: सीएम ने यह भी कहा कि वह यह बात कहना नहीं चाहते थे, लेकिन सच यह है कि इन लोगों पर वहां आपराधिक मामले भी दर्ज हुए हैं। अगर कोई दूसरे देश में जाकर नियम तोड़ेगा, तो कार्रवाई तो होगी ही। हमें भी इस बात को समझना चाहिए।
- बच्चा गलती करता तो घर से नहीं निकालते: उन्होंने कहा कि सरकार इन लोगों को रिसीव करेगी और उनका साथ देगी। अगर बच्चा गलती करता है, तो उसे घर से नहीं निकाला जाता, बल्कि समझाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की रिपोर्ट रोज आती है और किसी भी देश में कानून तोड़ने पर वहां की सरकार कार्रवाई कर सकती है।
- हर कोई विदेश सपने लेकर जाता: सीएम ने कहा कि डिपोर्ट होकर आने वाले लोगों को जो भी जरूरी दस्तावेज होंगे, सरकार उपलब्ध कराएगी। ये हमारे अपने लोग हैं, शायद किसी एजेंट के चक्कर में पड़ गए या किसी मजबूरी में गए होंगे। हर कोई विदेश सपने लेकर जाता है।
- पंजाब में ही रोजगार के मौके मिलें: उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे ऐसी स्थिति न आए और पंजाब में ही रोजगार के मौके मिलें, ताकि लोगों को बाहर न जाना पड़े। ये हमारे ही बेटे हैं, भले ही नाराज़ होकर गए थे, लेकिन अपने ही घर के हैं।

अमेरिकी सैन्य विमान 4 फरवरी की सुबह 3 बजे अमेरिका के सैन एंटोनियो रवाना हुआ था।
अमेरिका ने 104 भारतीयों को डिपोर्ट किया था
इससे पहले अमेरिका ने एक साल पहले नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन डिपोर्ट कर दिया था। अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर इन्हें लेकर अमृतसर में एयरफोर्स के एयरबेस पर उतरा था। इनमें पंजाब के 30, हरियाणा-गुजरात के 33-33 लोग शामिल थे। इनके कुछ परिवार और 8-10 साल के बच्चे भी शामिल थे।
अमृतसर एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों का वैरिफिकेशन किया गया। यहां से इमिग्रेशन और कस्टम से क्लियरेंस के बाद पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया। करीब साढ़े 3 घंटे बाद US एयरफोर्स विमान वापस लौट गया था।
*********
कनाडा में 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी: नए इमिग्रेशन कानून से शरणार्थी की मान्यता खत्म, 30 हजार स्टूडेंट्स को मिला नोटिस

कनाडा में नया इमिग्रेशन बिल पास होने के बाद 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक गई है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने C-12 बिल पास होने के बाद 30 हजार शरणार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। नए बिल में शरणार्थियों की मान्यता खत्म कर दी गई है। (पढ़ें पूरी खबर)








