क्या है बायो-मिक्स CNG, जिस पर बजट में सरकार ने किया छूट का ऐलान
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क्या है बायो-मिक्स CNG, जिस पर बजट में सरकार ने किया छूट का ऐलान

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केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिथियम-आयन बैटरी, बायो-मिक्स CNG, सोलर ग्लास और क्रिटिकल मिनरल्स पर टैक्स राहत की घोषणा की है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

लिथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को राहत

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर मिलने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को आगे भी जारी रखा जाएगा। इससे भारत में बैटरी स्टोरेज और EV बैटरी का घरेलू उत्पादन सस्ता और आसान होगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत घटेगी और भारत में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी

बायो मिक्स-CNG पर टैक्स में बड़ी राहत

बजट में बायोगैस से मिश्रित CNG को लेकर भी राहत दी गई है। अब बायोगैस के पूरे मूल्य को एक्साइज ड्यूटी गणना से बाहर रखा जाएगा। इससे ग्रीन फ्यूल को बढ़ावा मिलेगा और CNG सस्ती हो सकती है। इसके साथ ही पर्यावरण को कम नुकसान होगा।

क्या है बायो-मिक्स CNG?

बायो-मिक्स CNG दरअसल CNG (Compressed Natural Gas) और बायोगैस का मिश्रण होता है। इसमें परंपरागत CNG के साथ-साथ जैविक कचरे से बनी गैस मिलाई जाती है, इसलिए इसे बायो-मिक्स CNG कहा जाता है।

क्या होती है बायोगैस?

बायोगैस गोबर, फसल के अवशेष, खाने-पीने का कचरा, कृषि व जैविक अपशिष्ट से बनाई जाती है। इन सबको एक खास प्रक्रिया (Anaerobic Digestion) से गैस में बदला जाता है। जब इसे शुद्ध किया जाता है, तो यह बायो–CNG (Bio-CNG) बन जाती है।

कैसे बनती है बायो-मिक्स CNG?

पहले बायोगैस से Bio-CNG तैयार की जाती है, फिर इसे नेचुरल CNG के साथ एक तय अनुपात में मिलाया जाता है। यही मिश्रण बायो-मिक्स CNG कहलाता है।

कहां होती है इस्तेमाल?

बायो-मिक्स CNG का इस्तेमाल CNG कारों और बसों में किया जाता है। इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ऑटो और टैक्सी में भी इसका यूज किया जाता है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए वाहनों में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती।

सोलर इंडस्ट्री को भी सपोर्ट

सरकार ने सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट (Sodium Antimonate) के आयात पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को और मजबूत करेगा।

क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग को बढ़ावा

भारत में क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी मशीनरी और कैपिटल गुड्स के आयात पर भी कस्टम ड्यूटी छूट दी जाएगी। यह EV, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम है।

ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का ऐलान

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार दुर्गापुर को केंद्र बनाकर ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करेगी। इसके साथ ही पूर्वोदय (Poorvodaya) राज्यों में 5 टूरिज्म डेस्टिनेशन, नॉर्थ-ईस्ट में बौद्ध साइट्स का विकास और 4,000 ई-बसें देने का प्रस्ताव है।

देश में बनने वाले सामान पर टैक्स छूट खत्म

सरकार ने यह भी साफ किया कि जो उत्पाद भारत में पहले से बन रहे हैं या जिनका आयात न के बराबर है, उन पर मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट को हटाया जाएगा।बजट 2026 (Budget 2026) में सरकार का फोकस ग्रीन एनर्जी, EV, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भर भारत पर है। लिथियम-आयन बैटरी और बायोगैस से जुड़ी टैक्स राहतें आने वाले समय में भारत को एनर्जी और टेक्नोलॉजी हब बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।



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