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मैंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा शोध, पत्रकारिता और डॉक्यूमेंट्री बनाने में बिताया है। साथ ही अनेक उपन्यास पढ़े और फिल्में देखी हैं। कृतिकारों के प्रति मेरी गहरी सहानुभूति है। लेकिन पिछले तीन वर्षों से मैं एआई में निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट भी हूं और इसी अनुभव ने वह संदेश गढ़ा है, जो मैं पत्रकारिता, प्रकाशन, संगीत, विज्ञापन और सिनेमा से जुड़े हर व्यक्ति को देना चाहता हूं : इस तकनीक की क्षमता को नजरअंदाज करना आपके लिए घातक हो सकता है! फिल्म उद्योग पहले ही कई वर्षों से सिमट रहा है। इसकी बड़ी वजह मीडिया डिलीवरी के नए माध्यम हैं- जैसे स्ट्रीमिंग सेवाएं- जिन्हें इंटरनेट, लैपटॉप और मोबाइल ने संभव बनाया। केबल टीवी व डीवीडी का पतन कई फैक्टर्स का नतीजा है : वीडियो स्ट्रीमिंग का प्रसार, यूजर-जनरेटेड कंटेंट का उभार, सस्ते कैमरों और सॉफ्टवेयर के जरिये रचना का लोकतंत्रीकरण और यूट्यूब, फेसबुक और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्मों से दर्शकों के अटेंशन के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा। लेकिन इस दौरान वीडियो-निर्माण की बुनियादी तकनीकें ज्यादा नहीं बदली थीं। आप अब भी असली कैमरों से, असली लोगों और असली चीजों की शूटिंग करते थे। बहरहाल, बहुत जल्द वास्तविक दुनिया के ये सभी इनपुट्स अप्रासंगिक हो जाएंगे और उनकी जगह एआई ले लेगा। इस नई दुनिया के अग्रदूत वे स्टार्टअप्स होंगे, जिनमें से कुछ तो एक साल से भी कम पुराने हैं। 2020 में स्थापित यूक्रेनी स्टार्टअप होलीवॉटर किसी को भी वर्टिकल (मोबाइल के लिए) शॉर्ट फिल्में बनाने की सुविधा देता है। यह एआई की मदद से बड़ी संख्या में टेक्स्ट कहानियां तैयार करता है, जिनकी लोकप्रियता बाद में फिल्म निर्माण को दिशा देती है। होलीवॉटर का रेवेन्यू पहले ही 100 मिलियन डॉलर से अधिक है और सालाना दोगुने से भी ज्यादा की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसी तरह, 2024 में स्थापित वाइड वर्ल्ड्स प्रशंसकों को उनके पसंदीदा फैन-फिक्शन यूनिवर्स से सामग्री लेकर शॉर्ट फिल्में बनाने की सुविधा देता है। 600 अरब डॉलर का डिजिटल विज्ञापन उद्योग अगली कतार में है। एआई विज्ञापनों की दुनिया का अग्रणी स्टार्टअप हिग्सफील्ड 2023 में स्थापित हुआ था, लेकिन उसका कारोबार विस्फोटक गति से बढ़ा है। इसकी आमदनी हर महीने दोगुनी हो रही है और इस साल 1 अरब डॉलर से अधिक पहुंचने की राह पर है। लंबी और अधिक जटिल सीरीज और फिल्मों के लिए यह तकनीक अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है। लेकिन यह तेजी से आगे बढ़ रही है। एक दशक के भीतर अभिनेता ऐतिहासिक अवशेष बन जाएंगे- और उनके साथ ही सिनेमैटोग्राफर, स्टंट कलाकार, आर्ट डायरेक्टर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर, लाइन प्रोड्यूसर और लोकेशन स्काउट भी। हॉलीवुड का अधिकांश हिस्सा इस आसन्न सुनामी के मद्देनजर लगभग कुछ नहीं कर रहा है। स्टूडियो, निर्माता, वितरक और एजेंसियां यह सोच रही हैं कि एआई बस एक और तकनीकी लहर होगी- केबल टीवी, सीजीआई, डीवीडी और स्ट्रीमिंग की तरह- जिसकी वे सवारी कर लेंगी।
जबकि अभिनेताओं, लेखकों, आर्ट डायरेक्टरों और अन्य पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियनें भयभीत हैं और उन्होंने एआई के हर इस्तेमाल का अंधाधुंध विरोध शुरू कर दिया है। उनकी चिंता जायज है। तकनीक इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि वीडियो निर्माण से एआई आधारित निर्माण की ओर संक्रमण संभवतः बेहद क्रूर और बहुत तेज होगा- जो हजारों करियरों और कंपनियों को लगभग रातोंरात नष्ट कर देगा। हॉलीवुड सिर्फ एक उदाहरण है। यही बात कथा लेखन, व्यावसायिक फोटोग्राफी, रेडियो और संगीत पर भी लागू होती है- जहां उडियो, सूनो और मोजार्ट जैसे कई एआई स्टार्टअप गैर-संगीतकारों को भी संगीत रचने में सक्षम बना रहे हैं। सिनेमा में एआई तेजी से बढ़ रहा है। एक दशक के भीतर अभिनेता ऐतिहासिक अवशेष बन जाएंगे- उनके साथ ही सिनेमैटोग्राफर, स्टंट कलाकार, आर्ट डायरेक्टर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर, लाइन प्रोड्यूसर, लोकेशन स्काउट भी।
(@प्रोजेक्ट सिंडिकेट)
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