दिल्ली में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10.20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी कुरूक्षेत्र के एक युवक के साथ हुई है। कोहंड में रहने वाले युवक के मामा ने आरोपियों से उसका संपर्क करवाया था।
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आरोपियों ने सितंबर 2022 तक दिल्ली स्टेट कॉ-ऑपरेटिव बैंक में सहायक प्रबंधक की नौकरी दिलाने का वायदा किया था, लेकिन काम नहीं हुआ। बाद में दिए दो चेक भी बाउंस हो गए। पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पहले भी इनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है। अब दोबारा पीड़ित ने मामले की शिकायत घरौंडा पुलिस को की है।
आरोपी बोले- दिल्ली सरकार में पक्की नौकरी दिला देंगे
कुरूक्षेत्र जिले के मलिकपुर निवासी प्रवीन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उसके मामा सुभाष की मुलाकात समालखा निवासी नीरज, सचिन और प्रयास से हुई। आरोपियों ने दावा किया कि दिल्ली स्टेट कॉ-ऑपरेटिव बैंक में सहायक प्रबंधक की भर्ती निकली है और उनकी मिश्रा नामक शख्स से सीधी सेटिंग है, जो सीएम अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव से जुड़े हुए हैं। आरोपियों ने यहां तक कहा कि उन्होंने पहले भी 50-60 युवाओं को दिल्ली सरकार में नौकरी लगवाई है।

10 लाख 20 हजार नकद दिए
इसके बाद प्रवीन कुमार और उनके पिता रामकर्ण को करनाल के कोहंड गांव स्थित लक्ष्मी ढाबे पर बुलाया गया। यहां दोनों ने अपने मामा सुभाष और बलजीत सिंह की मौजूदगी में आरोपियों को 10 लाख 20 हजार रुपए नकद सौंप दिए। भरोसा दिलाया गया कि सितंबर 2022 तक नौकरी लग जाएगी। सितंबर बीत जाने के बाद प्रवीन ने जब संपर्क किया तो आरोपी बोले कि अभी राज्यपाल खराब इंसान है, उसके बदलते ही नौकरी लग जाएगी। दिसंबर 2022 तक भी काम नहीं हुआ, तो प्रवीन ने पैसे वापस मांगे, लेकिन उसे फिर इंतजार करने के लिए कहा गया।








