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किताबों से जानिए, जीवन ज्यादा अर्थपूर्ण कब लगने लगता है? खुद को साबित करना छोड़ें, आज पर ध्यान दें
हम सोचते हैं कि खुश रहने के लिए हमें और तेज दौड़ना है, बेहतर बनना है और दूसरों से आगे निकलना है। इस भागदौड़ में मन कभी शांत नहीं होता। जब हम खुद को साबित करने की कोशिश छोड़कर अपने आज पर ध्यान देते हैं, अपने काम को पूरे मन से करते हैं, तब जीवन ज्यादा अर्थपूर्ण लगता है। (द प्रैक्टिस ऑफ ग्राउंडेडनेस -ब्रैड स्टलबर्ग) विचारों को थोड़ा दूर से देखने की आदत डालें
हमारी सबसे बड़ी परेशानी हमारी सोच है। जब हम हर छोटी बात को बार-बार अपने मन में दोहराते है, तो मन भारी होने लगता है। ऐसे में हम सही और गलत के बीच फर्क नहीं देख पाते। जब विचारों को थोड़ा दूर से देखने की आदत डालते हैं, तब ज्यादा शांत होकर सोच पाते हैं, बेहतर फैसले ले पाते हैं। (चैटर -एथेन क्रॉस) शांति हमारे देखने के तरीके में छिपी होती है
हम सोचते हैं कि हमें बदलने के लिए बहुत कुछ करना पड़ेगा, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव तब शुरू होता है जब हम अपने मन को ध्यान से देखना शुरू करते हैं। जब बिना जज किए अपने विचारों और भावनाओं को समझते हैं, तो उनकी पकड़ कम होती है। शांति हमारे देखने के तरीके में छिपी है। (अवेयरनेस -एंथनी डिमेलो) खुशी बड़ी चीजों में नहीं, छोटे पलों में मिलती है
खुशी बड़ी चीजों में नहीं मिलती, छोटे पलों में छिपी होती है। जैसे शांत बैठकर चाय पीना, अपने पसंदीदा लोगों के साथ समय बिताना या एक सुकून भरा माहौल बनाना। जब हम धीरे-धीरे जीना सीखते हैं और छोटी खुशियों को नजरअंदाज नहीं करते, तब जीवन ज्यादा संतुलित महसूस होने लगता है। (द लिटिल बुक ऑफ हिगी -मीक वाइकिंग)
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