टिप्स:  बर्नआउट से जूझते समय नेतृत्व से जुड़ी इन चार बातों पर ध्यान देना जरूरी है
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टिप्स: बर्नआउट से जूझते समय नेतृत्व से जुड़ी इन चार बातों पर ध्यान देना जरूरी है

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कार्यस्थल का तनाव अमेरिका की अर्थव्यवस्था को हर साल कई अरब डॉलर का नुकसान पहुंचाता है। ये अनुपस्थिति, उत्पादकता में गिरावट और कानूनी व चिकित्सा खर्चों के कारण होता है। कई अध्ययनों से यह स्पष्ट होता है कि तनाव और बर्नआउट कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने, चोट और नशे के दुरुपयोग के प्रमुख कारण हैं। यह समस्या सबसे आकर्षक और प्रतिष्ठित कार्यस्थलों में भी मौजूद होती है और आमतौर पर इसका मुख्य कारण जो होता है, वह है खराब नेतृत्व। बर्नआउट से निपटने के लिए संस्थानों को नेतृत्व से जुड़ी इन चार सबसे महत्वपूर्ण बातों पर बहुत ध्यान देना चाहिए… 1. रोकथाम से बेहतर इलाज नहीं:
लीडर्स का प्रदर्शन, जिसमें कर्मचारियों को तनाव देने की उनकी प्रवृत्ति भी शामिल है, अक्सर विज्ञान-आधारित मूल्यांकन और डेटा से पहले से ही अनुमानित किया जा सकता है। उम्मीदवारों की जांच करते समय उनके संभावित गुणों पर ध्यान देना चाहिए। इन सभी बातों पर ध्यान दें- क्या उनके पास सही विशेषज्ञता है? क्या वे जिज्ञासु, बुद्धिमान और तेज सीखने वाले हैं? सबसे बढ़कर, क्या उनमें सहानुभूति और ईमानदारी है? 2. टॉक्सिक लीडर्स को हटाना लाभदायक हो सकता है:
जब खराब व्यवहार शीर्ष स्तर से आता है, तो यह कंपनी की संस्कृति को वायरस की तरह प्रदूषित कर सकता है। संस्थान इस आम गलती से बच सकते हैं यदि वे केवल लीडर्स की ताकत पर नहीं, उनकी संभावित कमजोरियों पर भी ध्यान दें। उनकी अत्यधिक प्रवृत्तियां क्या हैं? क्या उनमें कोई डार्क-साइड लक्षण हैं? 3. सहनशीलता खराब नेतृत्व के प्रभाव को छिपा सकती है:
सहनशीलता कर्मचारियों को खराब मैनेजरों को सहने में सक्षम बना देती है। यदि आप अधिकतर ऐसे लोगों की भर्ती करते हैं, जो स्वभाव से बेहद खुश रहते हैं और सकारात्मक रहते हैं, बजाय विश्लेषणात्मक और ईमानदार लोगों के, तो आपके लिए नेतृत्व से जुड़ी समस्याओं को पहचानना काफी कठिन हो सकता है। 4. ‘बोरिंग’ अक्सर बेहतर होता है:
अनिश्चितता तनाव का एक सामान्य कारण है। इसलिए साधारण और स्थिर मैनेजर, उन लोगों की तुलना में अपनी टीम को कम तनाव देते हैं जो बहुत दिखावटी, अजीब या अत्यधिक करिश्माई होते हैं। विशेषकर यदि वे अचानक गुस्सा करने वाले और अप्रत्याशित हों। इंटरव्यू पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय, उम्मीदवार के पिछले रिकॉर्ड और रेफरेंस की जांच करें ताकि उनकी नेतृत्व शैली और चरित्र का सही अंदाजा लगाया जा सके।



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