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आज (26 मार्च) चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन है। नवरात्रि के आठवें दिन दुर्गा का अष्टम स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां महागौरी का रंग गौरा है, इसलिए इन्हें महागौरी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि मां पार्वती ने अपनी कठिन तपस्या से गौर वर्ण प्राप्त किया था। तभी से इन्हें उज्जवला स्वरूपा महागौरी, धन ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी त्रैलोक्य पूज्य मंगला, शारीरिक मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली माता महागौरी का नाम दिया गया। ऐसे कर सकते हैं महागौरी की सरल पूजा पूजा में इस मंत्र का जप कर सकते हैं- श्वेत वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।। अर्थ – मां दुर्गा का आठवां स्वरूप है महागौरी का। देवी महागौरी का अत्यंत गौर वर्ण हैं। इनके वस्त्र और आभूषण आदि भी सफेद ही हैं। इनकी चार भुजाएं हैं। महागौरी का वाहन बैल है। देवी के दाहिने ओर के ऊपर वाले हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। बाएं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है। इनका स्वभाव अति शांत है।
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