जरूरत की खबर- गीजर से 12 वर्षीय बच्ची की मौत:  घर में गीजर लगवाते समय ध्यान रखें ये बातें, एक्सपर्ट से जानें 10 सेफ्टी टिप्स
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जरूरत की खबर- गीजर से 12 वर्षीय बच्ची की मौत: घर में गीजर लगवाते समय ध्यान रखें ये बातें, एक्सपर्ट से जानें 10 सेफ्टी टिप्स

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37 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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हाल ही में यूपी के अलीगढ़ में गैस गीजर से बाथरूम में दम घुटने से एक 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई।

वहीं देवरिया जिले में गीजर का प्लग लगाते समय करंट लगने से एक महिला की जान चली गई। सर्दियों में अक्सर ऐसी घटनाएं सुनने को मिल जाती हैं।

दरअसल ठंड के मौसम में लोग गर्म पानी से नहाने के लिए गीजर का खूब इस्तेमाल करते हैं क्योंकि ये पानी को बहुत जल्दी गर्म कर देता है। हालांकि इसके इस्तेमाल में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में गीजर यूज के सेफ्टी टिप्स के बारे में जानना बेहद जरूरी है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम गीजर के सेफ्टी टिप्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • गीजर इस्तेमाल के क्या संभावित खतरे हैं?
  • गीजर यूज करते समय किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए?

एक्सपर्ट: शशिकांत उपाध्याय, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, अहमदाबाद

सवाल- गीजर क्या है और ये कैसे काम करता है?

जवाब- ये बिजली व गैस की मदद से पानी गर्म करने वाला एक उपकरण है। इसमें लगे हीटिंग एलिमेंट या गैस बर्नर पानी को सीधे गर्मी करते हैं, जबकि थर्मोस्टेट तापमान को कंट्रोल करता है। कुल मिलाकर ये ठंडे पानी को सुरक्षित तापमान पर गर्म करके नहाने और घरेलू कामों के लिए उपलब्ध कराता है।

सवाल- गीजर कितनी तरह के होते हैं?

जवाब- गीजर मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं।

स्टोरेज गीजर

इसमें पानी टैंक में जमा होकर धीरे-धीरे गर्म होता है। थर्मोस्टेट तय तापमान (40°C–55°C) पर पहुंचते ही हीटिंग बंद कर देता है। शॉवर या टेप चलाने पर गर्म पानी बाहर निकलता है।

इंस्टेंट गीजर

इसमें टैंक नहीं होता है। जैसे ही आप गीजर ऑन करते हैं, हीटिंग कॉइल तुरंत पानी को गर्म करती है। इसके लिए इंतजार नहीं करना पड़ता है।

गैस गीजर

यह गैस (LPG/PNG) से चलता है। नल खोलते ही सेंसर पानी का फ्लो महसूस करता है। गैस बर्नर अपने-आप जल जाता है। बर्नर की फ्लेम से हीट एक्सचेंजर गर्म होता है। पानी एक्सचेंजर से गुजरते हुए गर्म होकर बाहर आता है। गैस गीजर में वेंटिलेशन बहुत जरूरी होता है, वरना खतरनाक गैसों से दम घुट सकता है।

सवाल- गैस गीजर से बच्ची की मौत कैसे हुई?

जवाब- जब गैस गीजर बंद या कम वेंटिलेशन वाले बाथरूम में चलता है तो गैस पूरी तरह नहीं जल पाती और जहरीली गैस कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) बनकर कमरे में फैलने लगती है। ये गैंस रंगहीन और गंधहीन होती है। इसलिए किसी को पता नहीं चलता कि वह इसे सांस के साथ अंदर ले रहा है। कुछ ही मिनटों में यह गैस चक्कर, कमजोरी, बेहोशी, ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी और गंभीर स्थिति में सांस रुकने जैसी समस्याएं पैदा कर देती है।

इस मामले में बच्ची बाथरूम में अकेली थी और गैस गीजर चालू था, जिससे CO गैस धीरे-धीरे जमा हो गई। ऑक्सीजन कम होने से वह बेहोश हो गई और उसकी सांस रुक गई। यानी बंद बाथरूम में कार्बन मोनोऑक्साइड का भरना और ऑक्सीजन की कमी ही बच्ची की मौत का मुख्य कारण था।

सवाल- गीजर इस्तेमाल के क्या संभावित खतरे हैं?

जवाब- गीजर इस्तेमाल में थोड़ी सी लापरवाही कई बड़े खतरों का कारण बन सकती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- अगर घर में गैस गीजर है तो क्या सावधानियां बरतनी जरूरी हैं?

जवाब- इसके लिए कुछ बातों का विशेष ख्याल रखें। जैसेकि-

  • बाथरूम में खिड़की, एग्जॉस्ट फैन जरूर लगाएं। इससे वेंटिलेशन बना रहता है।
  • बाथरूम का दरवाजा पूरी तरह बंद न करें। हल्का गैप रखें, ताकि हवा का फ्लो बना रहे।
  • नहाते समय बहुत देर तक पानी न चलाएं। इससे जहरीली गैस कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) रुकने का खतरा बढ़ता है।
  • गैस सिलेंडर और पाइपलाइन की रेगुलर जांच करें। लीकेज या क्रैक दिखे तो तुरंत बदलवाएं।
  • गैस गीजर बच्चे और बुजुर्गों को अकेले इस्तेमाल न करने दें।
  • सबसे सुरक्षित तरीका है, इसे बाथरूम के बाहर लगाएं।
  • गैस डिटेक्टर या अलार्म लगाएं। यह तुरंत अलर्ट देता है।
  • गीजर की सर्विस साल में एक बार जरूर कराएं।

सवाल- गीजर लगे बाथरूम में कौन-सी गलतियां कभी नहीं करनी चाहिए?

जवाब- बाथरूम में छोटी-छोटी लापरवाहियां भी बड़ा खतरा बन सकती हैं। इसलिए कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखें। जैसेकि-

  • एग्जॉस्ट या खिड़की बंद करके गैस गीजर चालू न करें।
  • गीजर को लंबे समय तक लगातार ऑन न रखें।
  • गीले हाथों से स्विच, प्लग या बोर्ड बिल्कुल न छुएं।
  • लीकेज वाले पाइप, नल या फिटिंग को इग्नोर न करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाथरूम में नहाने न भेजें।

सवाल- घर में गीजर लगवाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- घर में गीजर लगवाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इससे सुरक्षा और परफॉर्मेंस दोनों बनी रहती है। जैसेकि-

  • परिवार के सदस्यों और इस्तेमाल के मुताबिक कैपेसिटी और मॉडल चुनें।
  • हमेशा ISI मार्क वाला गीजर ही लगवाएं।
  • ब्रांडेड और BEE (ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी) रेटेड मॉडल ही खरीदें। 4 या 5-स्टार रेटिंग बिजली बचाती है और सुरक्षा भी बेहतर होती है।
  • गैस गीजर को ऐसी जगह लगवाएं, जहां पर्याप्त वेंटिलेशन हो।
  • हमेशा प्रोफेशनल प्लम्बर/टेक्नीशियन से ही गीजर इंस्टॉल करवाएं।
  • गीजर को फर्श से कम-से-कम 6 फीट की ऊंचाई पर इंस्टॉल कराएं।
  • गीजर और दीवार के बीच पर्याप्त जगह छोड़ें।
  • पावर बोर्ड को बाथरूम में ऊंचाई पर लगवाएं, जिससे बोर्ड पानी के संपर्क में न आए।
  • गीजर को जोड़ने के लिए हमेशा मेटल पाइप का इस्तेमाल करें।
  • गीजर का कनेक्शन MCB से कराएं, जिससे वोल्टेज के घटने-बढ़ने पर वह ऑटोमेटिक बंद हो जाए।

सवाल- घर में इलेक्ट्रिक गीजर या गैस गीजर क्या लगवाना ज्यादा बेहतर है?

जवाब- आमतौर पर घरों के लिए इलेक्ट्रिक गीजर ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है। इलेक्ट्रिक गीजर इंस्टॉल करना भी आसान है। गैस गीजर किफायती जरूर है, पर इसके लिए वेंटिलेशन और अतिरिक्त सावधानियां जरूरी हैं। अगर बाथरूम में वेंटिलेशन कम है तो गैस गीजर बिल्कुल न लगाएं।

सवाल- गीजर के इस्तेमाल के दौरान किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- गीजर का सही इस्तेमाल सुरक्षा, बिजली बचत और लंबे समय तक परफॉर्मेंस सुनिश्चित करती है। इसलिए इस्तेमाल से पहले और बाद में कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- किन संकेतों से पहचानें कि गीजर को सर्विसिंग की जरूरत है?

जवाब- गीजर समय पर सर्विस न हो तो उसकी क्षमता कम होने लगती है। कुछ ऐसे संकेत हैं, जो बताते हैं कि गीजर को सर्विसिंग की जरूरत है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- गीजर की सर्विसिंग कितने दिनों में कराना चाहिए?

जवाब- आमतौर पर गीजर की सर्विसिंग 6–12 महीने में एक बार जरूर कराना चाहिए। इससे हीटिंग एलिमेंट, टैंक और सेफ्टी सिस्टम अच्छी स्थिति में रहते हैं और गीजर सुरक्षित व प्रभावी तरीके से काम करता है।

सवाल- गीजर को किस टेम्परेचर पर सेट करना चाहिए?

जवाब- गीजर हमेशा 40°C से 55°C के बीच सेट करना सुरक्षित होता है। ये रोजमर्रा के काम और नहाने के लिए बिल्कुल सही व बच्चों के लिए भी सुरक्षित है। इसमें पर्याप्त गर्म पानी मिलता है। इसे ज्यादा टेम्परेचर रखने पर जलने का खतरा बढ़ जाता है और बिजली भी ज्यादा खर्च होती है।

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